
Nikki Bhati death case : उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में चर्चित निक्की भाटी मौत मामले में अब बड़ा बदलाव देखने को मिला है। करीब नौ महीने से चल रहे विवाद के बाद आखिरकार दोनों परिवार पंचायत की मध्यस्थता में समझौते पर राजी हो गए हैं। गांव के बुजुर्गों और समाज के प्रमुख लोगों की मौजूदगी में कई दौर की बातचीत हुई, जिसके बाद दोनों पक्षों ने बच्चों के भविष्य और परिवार की भलाई को ध्यान में रखते हुए सहमति बना ली।
पंचायत में कई घंटों तक चली बातचीत
जानकारी के मुताबिक, पंचायत में दोनों परिवारों के बीच लंबे समय तक चर्चा हुई। इस दौरान रिश्तों को बचाने और बच्चों के अधिकार सुरक्षित रखने को लेकर बात की गई। आखिर में दोनों पक्ष इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि पुराने विवाद को खत्म कर आगे बढ़ना ही बेहतर होगा।
निक्की भाटी की बहन फिर जाएगी ससुराल
समझौते के तहत निक्की भाटी की बहन कंचन दोबारा अपने ससुराल लौटेंगी। परिवार के लोगों का कहना है कि रिश्तों को सुधारने और बच्चों को बेहतर माहौल देने के लिए यह फैसला लिया गया है। पंचायत में मौजूद लोगों ने भी परिवारों को आपसी विवाद खत्म करने की सलाह दी।
बच्चों के नाम होगी संपत्ति
सूत्रों के अनुसार, समझौते में यह भी तय हुआ है कि निक्की भाटी के बच्चों के नाम संपत्ति ट्रांसफर की जाएगी। दोनों परिवारों ने इस बात पर सहमति जताई कि बच्चों का भविष्य सुरक्षित होना सबसे जरूरी है। इसी कारण बच्चों के अधिकारों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया।
अदालत में मामला वापस लेने की तैयारी
बताया जा रहा है कि समझौते के बाद निक्की का परिवार अदालत में एफिडेविट दाखिल कर केस वापस लेने की कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर सकता है। पंचायत में मौजूद लोगों ने दोनों पक्षों को शांति और आपसी सहमति से मामला खत्म करने की सलाह दी।
21 अगस्त 2025 को हुई थी दर्दनाक घटना
गौरतलब है कि 21 अगस्त 2025 को ग्रेटर नोएडा के सिरसा गांव में निक्की की संदिग्ध परिस्थितियों में जिंदा जलने से मौत हो गई थी। इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। निक्की के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद मामला काफी चर्चा में रहा।
पति समेत कई लोगों की हुई थी गिरफ्तारी
परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की थी। जांच के दौरान निक्की के पति विपिन भाटी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। इसके अलावा सास, ससुर और जेठ को भी पुलिस ने हिरासत में लिया था। मामले को लेकर दोनों परिवारों के बीच लंबे समय तक तनाव बना रहा।
बच्चों और परिवार की भलाई को दी गई प्राथमिकता
अब पंचायत की पहल के बाद दोनों परिवारों ने पुराने विवाद को खत्म करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। परिवारों का कहना है कि बच्चों के भविष्य, उनकी परवरिश और पारिवारिक रिश्तों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है, ताकि आने वाले समय में दोनों परिवार शांति से जीवन जी सकें।