
June Month Ekadashi 2026: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। बता दें कि यह दिन भगवान विष्णु की आराधना के लिए समर्पित होता है और मान्यता है कि इस व्रत को श्रद्धा से रखने पर व्यक्ति के जीवन के दुख-दोष दूर होते हैं तथा सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। धार्मिक ग्रंथों में एकादशी को सभी व्रतों में श्रेष्ठ बताया गया है। जून 2026 में परमा एकादशी और निर्जला एकादशी दोनों ही महत्वपूर्ण व्रत पड़ रहे हैं। आइए जानते हैं उनकी सही तिथि, पूजा का महत्व और पारण का समय…
परमा एकादशी 2026 कब है?
परमा एकादशी का व्रत अधिक मास यानी पुरुषोत्तम मास में आता है, जो लगभग हर तीन वर्ष में एक बार पड़ता है। इस विशेष एकादशी को कमला एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-शांति आती है।
पंचांग के अनुसार परमा एकादशी तिथि 11 जून 2026 को रात्रि 12:57 बजे से शुरू होकर उसी दिन रात 10:36 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर यह व्रत गुरुवार, 11 जून 2026 को रखा जाएगा।
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परमा एकादशी पारण समय
इस व्रत का पारण 12 जून 2026, शुक्रवार को सुबह 05:23 बजे से 08:10 बजे के बीच किया जाएगा।
निर्जला एकादशी 2026 की तिथि
निर्जला एकादशी को हिंदू धर्म में अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। इसे भीमसेनी एकादशी भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस एक व्रत को करने से पूरे वर्ष की 24 एकादशियों का फल प्राप्त होता है। इस दिन बिना जल ग्रहण किए उपवास रखने का विधान है।
पंचांग के अनुसार निर्जला एकादशी तिथि 24 जून 2026 को शाम 06:12 बजे से आरंभ होकर 25 जून 2026 की रात 08:09 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार यह व्रत 25 जून 2026, गुरुवार को रखा जाएगा।
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निर्जला एकादशी पारण समय
निर्जला एकादशी का पारण 26 जून 2026 को सुबह 05:25 बजे से 08:13 बजे के बीच किया जा सकेगा।
एकादशी व्रत का धार्मिक महत्व
सनातन परंपरा में एकादशी व्रत को आत्मशुद्धि और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ माध्यम माना गया है। मान्यता है कि जो व्यक्ति श्रद्धा और नियमपूर्वक एकादशी का पालन करता है, उसके जीवन में सकारात्मकता, सुख और आध्यात्मिक उन्नति आती है।