
US Iran war: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। युद्ध खत्म करने को लेकर चल रही बातचीत के बीच अमेरिकी सेना ने ईरान में नए सैन्य हमले किए हैं। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, इन हमलों का लक्ष्य ऐसा सैन्य ठिकाना था जिसे होर्मुज स्ट्रेट में मौजूद अमेरिकी सेनाओं और अंतरराष्ट्रीय समुद्री आवाजाही के लिए खतरा माना जा रहा था।
एक समाचार एजेंसी के अनुसार, अमेरिकी सेना ने रातभर चले अभियान में ईरान के उस बेस को निशाना बनाया जहां से ड्रोन गतिविधियों की जानकारी मिली थी। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि यह ठिकाना संभावित हमलों की तैयारी में जुटा था और वहां से ड्रोन लॉन्च किए जाने की आशंका थी।
हवा में मार गिराए 4 ईरानी ड्रोन
अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि सेना ने चार ईरानी ड्रोन को हवा में ही मार गिराया। वहीं, एक अन्य सैन्य ठिकाने पर भी हमला किया गया, जहां से पांचवां ड्रोन लॉन्च किए जाने की तैयारी चल रही थी। अमेरिका का कहना है कि इन ड्रोन से होर्मुज स्ट्रेट में तैनात अमेरिकी बलों और व्यावसायिक जहाजों को खतरा था।
अमेरिका ने बताया रक्षात्मक कार्रवाई
वॉशिंगटन ने इन हमलों को ‘रक्षात्मक कार्रवाई’ बताया है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, 27 मई को किया गया यह दूसरा बड़ा रक्षात्मक हमला था। उनका कहना है कि ईरानी सेना की ओर से बढ़ती आक्रामक गतिविधियों को देखते हुए यह कदम उठाना जरूरी हो गया था।
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वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ा असर
गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद शुरू हुआ यह संघर्ष अब तीन महीने से जारी है। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच लगातार सैन्य कार्रवाई होती रही है, जिसमें हजारों लोगों की मौत हो चुकी है। इस संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है और तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है।