भारत के पश्चिम बंगाल में कोलकाता स्थित चीनी महावाणिज्यदूत श्य्वी वेई ने 27 मई को पश्चिम बंगाल व्यापार संघों के परिसंघ (CWBTA) के अध्यक्ष सुशील पोद्दार से मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों ने चीन-भारत आर्थिक और व्यापारिक सहयोग को मजबूत करने पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
श्य्वी वेई ने कहा कि दोनों देशों के नेताओं के रणनीतिक मार्गदर्शन में चीन-भारत द्विपक्षीय संबंधों में लगातार सुधार और विकास हुआ है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष चीन और भारत के बीच व्यापार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जबकि भारत से चीन को होने वाले निर्यात में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
चीनी महावाणिज्यदूत ने CWBTA की सराहना करते हुए कहा कि पूर्वी भारत में प्रभावशाली व्यापारिक संगठन के रूप में इस परिसंघ ने लघु और मध्यम उद्यमों के विकास, तथा चीन-भारत आर्थिक, व्यापारिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि CWBTA चीन आयात-निर्यात मेला (कैंटन मेला), चीन अंतर्राष्ट्रीय आयात एक्सपो (CIIE) और चीन-दक्षिण एशिया एक्सपो जैसे खुले सहयोग मंचों पर अधिक ध्यान देगा और उनका बेहतर उपयोग करेगा, ताकि दोनों देशों के व्यापारिक समुदायों के बीच अधिक व्यावहारिक सहयोग को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने कहा कि चीनी महावाणिज्य दूतावास इस दिशा में सेतु की भूमिका निभाने के लिए तत्पर है।
मुलाकात के दौरान सुशील पोद्दार ने कहा कि चीन की आर्थिक विकास उपलब्धियां सराहनीय हैं, विशेष रूप से नई ऊर्जा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में उसकी अग्रणी स्थिति उल्लेखनीय है। उन्होंने कहा कि चीन की विकसित औद्योगिक उत्पादन प्रणाली और भारत का विशाल बाजार, दोनों देशों के व्यापारिक समुदायों के लिए सहयोग के उत्कृष्ट अवसर प्रदान करते हैं।
उन्होंने बताया कि CWBTA चीनी व्यापारिक समुदाय के साथ आदान-प्रदान को महत्व देता है और व्यापारिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए इस वर्ष चीन की यात्रा की योजना बना रहा है, ताकि चीनी बाजार में अपने विस्तार को और मजबूत किया जा सके।
गौरतलब है कि CWBTA की स्थापना वर्ष 2001 में हुई थी। यह संगठन 70 व्यापारिक संघों और 15 लाख से अधिक व्यापारियों का प्रतिनिधित्व करता है। इसके प्रमुख क्षेत्र वस्त्र, खाद्य पदार्थ, भवन निर्माण सामग्री, ऑटो पार्ट्स, रसायन और लॉजिस्टिक्स आदि हैं। इसकी कई सदस्य कंपनियों के चीन के साथ व्यापारिक संबंध भी हैं।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)