Last Updated: October 20, 2026

Dainik Savera Times Logo

सिर्फ स्वाद ही नहीं, पोषण का खजाना हैं दालें, हर दाल के हैं अलग फायदे

May 29, 2026

सिर्फ स्वाद ही नहीं, पोषण का खजाना हैं दालें, हर दाल के हैं अलग फायदे

सदियों से लोग दाल को ताकत और सेहत से जोड़कर देखते आए हैं। विज्ञान भी मानता है कि दालें प्रोटीन का अच्छा स्रोत हैं। खास बात यह है कि अलग-अलग दालों में अलग प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को अलग तरीके से फायदा पहुंचाते हैं। कुछ दालें हड्डियों के लिए अच्छी होती हैं, कुछ दिल को स्वस्थ रखती हैं और कुछ पाचन तंत्र को मजबूत बनाती हैं। यही वजह है कि डॉक्टर रोजाना दाल खाने की सलाह देते हैं।

उड़द की दाल को पोषण के मामले में काफी ताकतवर माना जाता है। इसमें प्रोटीन के साथ आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटैशियम जैसे तत्व अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। उड़द दाल शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करती है। इसमें मौजूद फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती। वजन नियंत्रित करने वाले लोग भी इसे अपने भोजन में शामिल करते हैं। उड़द दाल में मौजूद कैल्शियम और मैग्नीशियम हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायक माने जाते हैं। इसके अलावा, इसमें पाए जाने वाले बी-विटामिन शरीर को एनर्जी देने में मदद करते हैं।

ये भी पढ़ें-  https://dainiksaveratimes.com/lifestyle/mulberry-leaves-health-benefits/

कुल्थी की दाल, जिसे कई जगह हॉर्स ग्राम भी कहा जाता है, में भरपूर फाइबर और प्रोटीन पाया जाता है। यह दाल पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद करती है और शरीर में जमा अतिरिक्त फैट को कम करने में सहायक मानी जाती है। कई रिसर्च में पाया गया है कि कुल्थी की दाल ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद करती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं और कोशिकाओं को नुकसान से बचाते हैं।

लाल मसूर दाल भी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है। इसमें आयरन और फोलेट अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं, जो खून की कमी दूर करने में मदद करते हैं। जिन लोगों में हीमोग्लोबिन कम होता है, उनके लिए मसूर दाल अच्छा विकल्प हो सकती है। यह दाल जल्दी पच जाती है, इसलिए बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी इसे अच्छा माना जाता है। इसमें मौजूद फाइबर दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है और खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक होता है। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे यह ब्लड शुगर को तेजी से नहीं बढ़ाती।

चना दाल को ताकत और कैल्शियम का अच्छा स्रोत माना जाता है। इसमें प्रोटीन के साथ-साथ जिंक, मैग्नीशियम और आयरन भी पाए जाते हैं। यह मांसपेशियों को मजबूत बनाने और शरीर की कमजोरी दूर करने में मदद करती है। इसमें मौजूद फाइबर पाचन को बेहतर बनाता है और पेट की समस्याओं को कम करता है। यह दाल लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराती है, जिससे भूख कम लगती है। इसके अलावा, यह शरीर में ऊर्जा बनाए रखने में भी मदद करती है।

मूंग दाल को सबसे हल्की और आसानी से पचने वाली दाल माना जाता है। इसमें प्रोटीन के साथ पोटैशियम, फोलेट और मैग्नीशियम भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। गर्मियों में यह शरीर को ठंडक पहुंचाने में मदद करती है। इसमें मौजूद पोटैशियम दिल और ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में सहायक होता है। मूंग दाल शरीर की मांसपेशियों की मरम्मत करने में भी मदद करती है।

अरहर या तूर दाल भारतीय घरों में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली दालों में से एक है। इसमें फोलेट, आयरन और प्रोटीन अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। फोलेट शरीर में नई कोशिकाएं बनाने में मदद करता है और गर्भवती महिलाओं के लिए बेहद जरूरी माना जाता है।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें