नई दिल्ली : भारत में एक दिन में भीषण गर्मी से लगभग 3,400 अतिरिक्त मौत होती हैं, जबकि पांच दिन यह स्थिति कायम रहने से लगभग 30,000 मौत होती हैं। एक अध्ययन में यह अनुमान लगाया गया है। अमरीका के कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय (बर्कले) के ‘इंडिया एनर्जी एंड क्लाइमेट सेंटर’ के शोधकर्ताओं पीयूष नारंग और अशोक गाडगिल ने कहा कि वैश्विक अध्ययन गर्मी से संबंधित मृत्यु दर में वृद्धि को उजागर करते हैं, लेकिन भारत के जिलों में भीषण गर्मी से मृत्यु दर कैसे प्रभावित होती है, इस बारे में विस्तृत आंकड़े आम शोधकर्ताओं के लिए सुलभ नहीं है।
टीम ने भारत के 10 शहरों में गर्मी से होने वाली मौतों पर किए एक बहु-शहरी अध्ययन के निष्कर्षों का उपयोग करके देश के सभी जिलों में अतिरिक्त मौतों का अनुमान लगाया। ‘फ्रंटियर्स इन एनवायरनमैंटल हैल्थ’ नामक पत्रिका में प्रकाशित इस अध्ययन में नागरिक पंजीकरण प्रणाली के जिला-स्तरीय मृत्यु दर के आंकड़ों और 2024 की जनसंख्या अनुमान को जोड़कर, एक दिन और पांच दिनों के दौरान भीषण गर्मी से जिलों में होने वाली अतिरिक्त मौतों का अनुमान लगाया गया। अनुसंधानकर्ताओं ने लिखा कि हमारा अनुमान है कि एक दिन की भीषण गर्मी से राष्ट्रीय स्तर पर लगभग 3,400 अतिरिक्त मौतें होती हैं; जबकि पांच दिनों में ऐसी स्थिति रहने पर लगभग 30,000 मौतें होती हैं।
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