
पटना। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास खाली करने के मामले में ‘रार’ आ गई है। ये मामला राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। सरकार राबड़ी को आवास खाली करने का नोटिस भेज चुकी है, जबकि वह आवास खाली नहीं करने पर अड़ीं हैं।
इस बीच लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने कह दिया है कि जब पूर्व सीएम आवास खाली करेंगे तब राबड़ी देवी भी कर देंगी। नीतीश कुमार का आवास भी खाली होना चाहिए क्योंकि वे पूर्व सीएम हैं। सबसे पहले उन्हें अपना आवास खाली करना चाहिए। सरकार उन्हें भी 15 दिन का नोटिस दे। इस तरह से तेज प्रताप यादव ने मीडिया से बातचीत के दौरान यह बयान दिया। इससे पहले लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य ने भी एक्स के जरिए पोस्ट शेयर कर अपनी भड़ास निकाली थी। इस तरह राबड़ी आवास खाली करने को लेकर बिहार की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है।
भवन निर्माण विभाग की ओर से राबड़ी आवास खाली करने के लिए 15 दिनों का नोटिस भेजा गया था। राबड़ी देवी को 39 हॉर्डिंग रोड पर एक नया बंगला अलॉट किया है। यह बंगला दो मंजिला है। इसमें 6 रूम हैं। मीटिंग रूम, कॉन्फ्रेस रूम के साथ ऑफिस भी बने हैं। इसके परिसर में बड़ा सा गार्डन है। स्टाफ और सिक्योरिटी को रहने के लिए अलग से जगह से है। इसके साथ ही पालतू पशु के रहने के लिए भी अलग से बड़ा एरिया है। इस तरह से इस बंगले में तमाम आधुनिक सुविधाएं हैं।
राबड़ी देवी ने कहा था कि वो चाहें तो पुलिस फोर्स बुला लें, लेकिन हम बंगला खाली नहीं करेंगे। उनके इस बयान के बाद बिहार की राजनीति का पारा चढ़ गया है। सरकार की ओर से 10 सर्कुलर रोड स्थित बंगले को मंत्री नंदकिशोर राम को अलॉट किया है। वे दलित वर्ग से हैं। मंत्री नंदकिशोर राम ने शुक्रवार को कहा था, उनके पास इस समय पटना में रहने के लिए कोई भी सरकारी घर नहीं है। सरकार ने नियमों के तहत ही उन्हें यह बंगला दिया है। उन्होंने राबड़ी देवी के रुख पर हमला बोलते हुए कहा कि शायद मेरा दलित होना ही आज मेरे लिए सबसे बड़ा अभिशाप बन गया है।
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