Mamata Banerjee big decision: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने संगठन को लेकर बड़ा कदम उठाया है। पार्टी ने राज्य में अपनी सभी कमेटियों और फ्रंटल (सहयोगी) संगठनों को तत्काल प्रभाव से भंग करने का फैसला किया है।
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टीएमसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि गहन विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया है। पार्टी के अनुसार, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की सभी संगठनात्मक समितियां और उससे जुड़े सभी अनुषांगिक संगठन अब भंग माने जाएंगे। पार्टी ने बताया कि आने वाले समय में संगठन के हर स्तर पर आत्ममंथन, प्रदर्शन की समीक्षा और संगठनात्मक मूल्यांकन किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया के बाद मुख्य संगठन और उससे जुड़े सभी संगठनों का नए सिरे से पुनर्गठन किया जाएगा। नई समितियों और पदाधिकारियों की घोषणा उचित समय पर की जाएगी।
टीएमसी का कहना है कि वह अपने संगठन को और मजबूत बनाना चाहती है ताकि भविष्य की राजनीतिक चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना किया जा सके। पार्टी नए जोश और नई रणनीति के साथ आगे बढ़ने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, विधानसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी के भीतर मतभेद और गुटबाजी की स्थिति भी सामने आई है। कुछ सहयोगी संगठनों के नेता पार्टी नेतृत्व के फैसलों से अलग राय रखते नजर आए, जिससे संगठन में एकता बनाए रखने की चुनौती बढ़ गई थी।
गौरतलब है कि टीएमसी के लगभग 16 फ्रंटल संगठन हैं, जो युवाओं, महिलाओं, छात्रों, मजदूरों और समाज के अन्य वर्गों के बीच पार्टी की गतिविधियों को संचालित करते हैं। इसके अलावा पार्टी की मुख्य कार्यकारी समिति, कोर कमेटी, राज्य समिति, जिला समिति, ब्लॉक समिति और अनुशासन समिति जैसी महत्वपूर्ण संगठनात्मक इकाइयां भी थीं। अब इन सभी को भंग कर दिया गया है और समीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद इनका पुनर्गठन किया जाएगा।
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