
रूपनगर : पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह और खाद्य एवं औषधि प्रशासन पंजाब कंवलप्रीत कौर बराड़ के आदेशों के अनुसार, मिलावटी और घटिया खाद्य पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, खाद्य सुरक्षा दल समय-समय पर जांच करते हैं और खाद्य उत्पादों के नमूने परीक्षण के लिए भेजते हैं। राज्य खाद्य प्रयोगशाला से प्राप्त परिणामों के अनुसार दोषपूर्ण पाए गए नमूनों के संबंध में मामले संबंधित न्यायालयों में दायर किए जाते हैं।
इस अभियान के तहत, अतिरिक्त डीसी-सह-निर्णय अधिकारी चंद्र ज्योति सिंह की अदालत ने खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 का उल्लंघन करने वाले खाद्य व्यवसाय संचालकों पर जुर्माना लगाया है। इन जुर्मानों में प्रधान सब्जी की दुकान, अनाज मंडी रोपड़ पर 50,000 रुपये, श्री लक्ष्मी आइस फैक्ट्री, रेलों रोड, रोपड़ पर 50,000 रुपये, श्री चंडीगढ़ स्वीट्स, शुगर मिल रोड, मोरिंडा पर 5,000 रुपये, मनार हिल्स, गोविंद वैली के पास, दरगाह शाह, रोपड़ पर 5,000 रुपये और गुप्ता डेयरी, फूल चक्र बाजार, रोपड़ पर 5,000 रुपये शामिल है।
इस संबंध में अधिक जानकारी देते हुए सहायक खाद्य सुरक्षा कमिशनर मनजिंदर सिंह ढिल्लों ने बताया कि प्रत्येक खाद्य व्यवसाय संचालक के लिए अपने कारोबार के अनुसार खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत खाद्य लाइसेंस या पंजीकरण कराना अनिवार्य है। लाइसेंस या पंजीकरण न कराने वालों के खिलाफ चालान और जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि खाद्य व्यवसाय से जुड़े सभी व्यक्तियों को स्वच्छता मानकों का पालन करना चाहिए और ग्राहकों को केवल स्वच्छ, मानक और उच्च गुणवत्ता वाला भोजन ही उपलब्ध कराना चाहिए।
उन्होंने घटिया और असुरक्षित खाद्य उत्पादों का कारोबार करने वाले संचालकों को कड़ी चेतावनी दी और कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी सिमरनजीत सिंह गिल भी उपस्थित थे।
मेष: दिन शुभ रहेगा...