Rebellion increased TMC: पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर बढ़ते असंतोष की चर्चा तेज हो गई है। पार्टी में विधायकों की बगावत के बाद अब सांसदों के भी बागी गुट के संपर्क में होने की खबरें सामने आ रही हैं। इन अटकलों के बीच टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने पार्टी नेताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है।
जानकारी के अनुसार, हालिया विधानसभा चुनाव में टीएमसी को हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद पार्टी के कई नेताओं और विधायकों ने नेतृत्व के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। बताया जा रहा है कि पार्टी से निष्कासित किए जा चुके संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में एक बागी गुट सक्रिय है। दावा किया जा रहा है कि टीएमसी के 80 में से 58 विधायक इस गुट के साथ खड़े हैं। बागी विधायकों ने ऋतब्रत बनर्जी को विधानसभा में विपक्ष का नेता घोषित कर दिया है। खबरों के मुताबिक विधानसभा स्पीकर ने भी उन्हें मान्यता दे दी है, जिससे राजनीतिक हलचल और बढ़ गई है।
अब चर्चा इस बात की भी है कि टीएमसी के 23 सांसद बागी गुट के संपर्क में हैं। वहीं, कुछ राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि करीब 20 सांसद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, इन दावों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इस बीच बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी के एक बयान ने राजनीतिक अटकलों को और हवा दे दी है। कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब उनसे सांसदों के बीजेपी में जाने की संभावना के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि पिछले सात दिनों में उनकी किसी सांसद से बातचीत नहीं हुई है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह फिलहाल यह नहीं बता सकते कि सांसद आगे क्या फैसला लेंगे।
ऋतब्रत बनर्जी के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं और तेज हो गई हैं। अब सबकी नजर ममता बनर्जी की बैठक और पार्टी नेतृत्व के अगले कदम पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि यह बैठक टीएमसी के भीतर बढ़ते असंतोष को शांत करने और पार्टी को एकजुट रखने के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। फिलहाल पार्टी की ओर से सांसदों के बगावत करने या बीजेपी में शामिल होने की खबरों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
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