नेशनल डेस्क: तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के बाद उन्होंने कहा कि पिछले 18 महीनों से उनकी पार्टी नेतृत्व के साथ कुछ मुद्दों पर राय अलग थी और वह लगातार अपनी बात भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के सामने रख रहे थे।
अन्नामलाई ने बताया कि उनका इस्तीफा कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं है। उन्होंने कहा कि 4 दिसंबर 2025 को ही उन्होंने पार्टी नेतृत्व को बता दिया था कि वह भाजपा छोड़ना चाहते हैं। हालांकि, पार्टी ने उनसे अनुरोध किया था कि वे चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक अपने पद और जिम्मेदारियों पर बने रहें।
एक वीडियो संदेश में अन्नामलाई ने कहा, “मेरी सोच और राय कुछ मामलों में अलग थी। मैं पिछले 18 महीनों से भाजपा नेतृत्व को इस बारे में बता रहा था। मैंने दिसंबर 2025 में ही पार्टी को अपने इस्तीफे की जानकारी दे दी थी। पार्टी ने मुझसे चुनाव खत्म होने तक इंतजार करने को कहा, इसलिए एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में मैंने अपनी सभी जिम्मेदारियां पूरी कीं और चुनावी काम को अंत तक निभाया।”
भाजपा छोड़ने के कुछ घंटों बाद अन्नामलाई ने एक नए राजनीतिक आंदोलन और पार्टी बनाने का ऐलान भी किया। उन्होंने कहा कि उनकी नई पार्टी तमिलनाडु में होने वाले अगले विधानसभा चुनाव में हिस्सा लेगी। उन्होंने कहा, “आज हम एक नया आंदोलन शुरू कर रहे हैं। हमारी राजनीतिक पार्टी तमिलनाडु के अगले विधानसभा चुनाव में चुनाव लड़ेगी।”
अपने इस्तीफे में अन्नामलाई ने भाजपा नेतृत्व का धन्यवाद करते हुए कहा कि पार्टी ने हमेशा उनकी बात सुनी और उन्हें समर्थन दिया। लेकिन तमिलनाडु के भविष्य और राजनीतिक दिशा को लेकर उनकी सोच पार्टी नेतृत्व से अलग थी। उन्होंने कहा, “मैं भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का धन्यवाद करता हूं जिन्होंने मेरी चिंताओं और सुझावों को हमेशा सुना। लेकिन कई चर्चाओं के बाद मैं इस निष्कर्ष पर पहुंचा हूं कि तमिलनाडु को लेकर हमारे विचार एक जैसे नहीं हैं।”
यह घटनाक्रम अन्नामलाई के हालिया दिल्ली दौरे के बाद सामने आया है। तीन दिन पहले उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, पार्टी के महासचिव बी. एल. संतोष और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। इसके बाद भाजपा ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया।
अन्नामलाई को तमिलनाडु भाजपा का प्रमुख चेहरा माना जाता रहा है। हाल ही में संपन्न चुनावों में उन्होंने पार्टी के प्रचार अभियान और रणनीति तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ऐसे में उनका भाजपा छोड़ना राज्य की राजनीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अन्नामलाई की नई पार्टी तमिलनाडु की राजनीति में नया समीकरण बना सकती है। साथ ही, उनके जाने से राज्य में भाजपा के संगठन और भविष्य की रणनीति पर भी असर पड़ सकता है।
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