9 जून को, भारत के कोलकाता में चीनी महावाणिज्यदूत श्य्वी वेई ने विश्वविद्यालय के निमंत्रण पर कोलकाता स्थित एमिटी विश्वविद्यालय का दौरा किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. संकु बोस से बातचीत की और भारत-चीन शैक्षिक सहयोग को और गहरा करने के लिए विभिन्न विभागों के प्रमुखों के साथ चर्चा की। अपने संबोधन में श्य्वी वेई ने वाणिज्य दूतावास द्वारा हाल ही में आयोजित सांस्कृतिक आदान-प्रदान गतिविधियों और पूर्वी भारत में चीनी भाषा शिक्षा के क्षेत्र में हुए नवीनतम विकास का परिचय दिया।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के नेताओं के रणनीतिक मार्गदर्शन में चीन-भारत सम्बंध निरंतर मजबूत और विकसित हो रहे हैं। युवा द्विपक्षीय सम्बंधों का भविष्य हैं, और वाणिज्य दूतावास एमिटी विश्वविद्यालय और चीनी विश्वविद्यालयों के बीच अंतर-विश्वविद्यालयी आदान-प्रदान और सहयोग को सक्रिय रूप से बढ़ावा देना चाहता है, इस विश्वविद्यालय को चीनी सांस्कृतिक गतिविधियों के आयोजन और चीनी भाषा शिक्षा प्रदान करने में सहायता करना चाहता है, ताकि चीनी और भारतीय युवाओं के बीच आपसी समझ और मित्रता को बढ़ावा दिया जा सके।
डॉ. संकु बोस ने महावाणिज्यदूत श्य्वी वेई और उनके प्रतिनिधिमंडल का हार्दिक स्वागत किया और विश्वविद्यालय की अनूठी विशेषताओं और विकास का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि भारत और चीन दोनों प्राचीन सभ्यताएं हैं और उन्हें आदान-प्रदान और आपसी सीख को मजबूत करना चाहिए। एमिटी विश्वविद्यालय चीनी विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर संयुक्त अनुसंधान, छात्र एवं संकाय आदान- प्रदान और अन्य क्षेत्रों में सहयोग करने के लिए तत्पर है, और साथ ही, चीनी सांस्कृतिक गतिविधियों के आयोजन में वाणिज्य दूतावास के साथ सहयोग करने के इच्छुक हैं।
संवाद के अलावा, विश्वविद्यालय के अधिकारियों के साथ, महावाणिज्यदूत श्य्वी वेई और उनके प्रतिनिधिमंडल ने परिसर और शिक्षण सुविधाओं का भी दौरा किया। बता दें कि वर्ष 2015 में स्थापित और भारत के एमिटी एजुकेशन ग्रुप से सम्बद्ध एमिटी यूनिवर्सिटी कोलकाता में वर्तमान में लगभग 8,000 छात्र हैं।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)