
जालंधर : नगर निगम के असिस्टैंट कमिश्नर विक्रांत वर्मा ने आज शहर के कई इलाकों में सफाई कर्मचारियों की जहां हाजिरी चैक की वहीं सफाई व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पाया कि औद्योगिक क्षेत्र इंडस्ट्रीयल एरिया, फोकल प्वाइंट, गदईपुर में कई जगह कूड़े के ढेर लगे थे। यहां तक कि वहां पर स्थाई सफाई कर्मचारी भी नियुक्त नहीं है और न ही स्थाई सुपरवाइजर नियुक्त किया गया। हैरानी की बात तो यह है कि यही इंडस्ट्री सरकार को, नगर निगम को, पावरकॉम को यानी हर विभाग को करोड़ों रुपए का टैक्स अदा करती है।
इसके बावजूद नगर निगम ने यहां पर एक पक्का सफाई सेवक तक नहीं दिया हुआ। हालांकि आज असिस्टैंट कमिश्नर विक्रांत वर्मा ने आसपास के इलाकों से ट्रॉलियां मंगवा कर वहां से कूड़े के ढेर हटवाए।
ऐसे में उन्होंने नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग को सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश जारी किए हैं वहीं दूसरी ओर अधिकतर जगह पर सफाई कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर तैनात मिले और कोई भी अनुपस्थित नहीं था। असिस्टैंट कमिश्नर विक्रांत वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि आज सुबह 7 से 8 बजे के बीच हुई चैकिंग के दौरान, सबसे पहले वार्ड नंबर 72 के इलाके टांडा रोड पर कर्मचारियों की हाज़िरी चेक की।
वहाँ सभी सफाई कर्मचारी मौजूद पाए गए। इसके बाद, कालीमाता मंदिर, सईपुर रोड की तरफ़ वार्ड नंबर 78 में कर्मचारियों की हाज़िरी देखी गई। वहाँ भी सभी सफाई कर्मचारी मौजूद पाए गए। इसके अलावा इंडस्ट्रीयल एरिया, फोकल प्वॉइंट, गदईपुर रोड इलाके की जाँच की गई। वहाँ कचरे के बहुत बड़े ढेर पड़े मिले जो काफी समय से साफ़ नहीं किए गए थे। पता चला कि यहाँ न तो कोई पक्का सफाई कर्मचारी है और न ही कोई पक्का सुपरवाइज़र।
इस बारे में हैल्थ डिपार्टमैंट के अधिकारियों को तुरंत निर्देश दिए गए कि यहाँ सफाई कर्मचारियों और सुपरवाइज़र की नियुक्ति की जाए और ट्रॉली और अन्य मशीनरी लगाई जाए ताकि इंडस्ट्रीयल एरिया में सारा काम ठीक से हो सके। इसके बाद दूसरे इलाके से एक ट्रॉली मंगवाई और फोकल प्वाइंट में कचरा उठाने का काम शुरू करवाया। इसके साथ ही फोकल प्वाइंट इंडस्ट्रीयल एरिया में कई गहरे गड्ढे भी मिले जिसके लिए तुरंत निर्देश दिए गए कि वहाँ पैच वर्क किया जाए।