Sanjay Nirupam: महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों शिवसेना (UBT) को लेकर चर्चाएं तेज हैं। इसी बीच शिवसेना नेता संजय निरुपम ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) धीरे-धीरे कमजोर हो रही है और वर्ष 2029 तक पूरी तरह खत्म हो सकती है।
मंगलवार को एक बातचीत में संजय निरुपम ने कहा कि शिवसेना (UBT) के नेताओं और कार्यकर्ताओं का पार्टी नेतृत्व पर भरोसा लगातार कम होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी के कई विधायक (MLA) और सांसद (MP) अब उद्धव ठाकरे के नेतृत्व से संतुष्ट नहीं हैं और इसी वजह से लोग लगातार पार्टी छोड़ रहे हैं। निरुपम ने कहा, “उभाठा (UBT) नाम की पार्टी धीरे-धीरे समाप्त हो रही है। उनके विधायक और सांसद अब पार्टी नेतृत्व पर भरोसा नहीं करते। 2029 तक यह पार्टी खत्म हो जाएगी। लोग रोज पार्टी छोड़ रहे हैं। जहां तक उनके सांसदों की बात है, वह उनका आंतरिक मामला है।”
यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति में कथित “ऑपरेशन टाइगर” को लेकर चर्चा हो रही है। राजनीतिक गलियारों में अटकलें हैं कि शिवसेना (UBT) के नौ सांसदों में से सात सांसद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के संपर्क में हैं और पार्टी बदल सकते हैं। हालांकि, शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत ने इन सभी खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के सांसद पूरी तरह उद्धव ठाकरे के साथ हैं और किसी तरह की टूट की खबरें झूठी हैं।
मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राउत ने कहा, “यह पूरी तरह गलत खबर है। चार दिन पहले सभी सांसदों ने उद्धव ठाकरे द्वारा बुलाई गई बैठक में हिस्सा लिया था और उनके नेतृत्व में विश्वास व्यक्त किया था। कई नेताओं ने तो अपने परिवार और प्रियजनों की कसम खाकर उद्धव ठाकरे का साथ देने का वादा किया है।”
दूसरी ओर, महाराष्ट्र सरकार में मंत्री आशीष जायसवाल ने इस मामले पर सीधे टिप्पणी करने से बचते हुए कहा कि शिवसेना (UBT) के सांसदों को अपने राजनीतिक भविष्य को ध्यान में रखकर फैसला लेना होगा। उन्होंने कहा कि यदि कोई सांसद भविष्य में कोई निर्णय लेता है, तो उस पर तभी चर्चा की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने दलबदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) का भी उल्लेख किया।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच शिवसेना नेता शाइना एनसी ने भी विपक्षी दलों के नेताओं को तोड़ने के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी किसी भी राजनीतिक दल को तोड़ने में रुचि नहीं रखती। शाइना ने कहा कि एकनाथ शिंदे की लोकप्रियता उनकी जमीनी राजनीति और आम लोगों से जुड़े रहने के कारण बढ़ी है।
उधर, बढ़ती राजनीतिक चर्चाओं के बीच उद्धव ठाकरे ने अपने सांसदों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई। बैठक के बाद संजय राउत ने कहा कि यदि उनके खिलाफ “ऑपरेशन टाइगर” चलाया जा रहा है, तो शिवसेना (UBT) भी जवाब में “ऑपरेशन वुल्फ” शुरू करेगी।फिलहाल महाराष्ट्र की राजनीति में इन दावों और अटकलों को लेकर माहौल गर्म है। हालांकि, शिवसेना (UBT) नेतृत्व लगातार यह दावा कर रहा है कि पार्टी एकजुट है और किसी भी सांसद के पार्टी छोड़ने की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है।
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