
Sanjay Raut’s warning to MPs: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है। शिवसेना (UBT) में संभावित टूट की खबरों के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने बागी नेताओं और सांसदों को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि अगर कोई नेता या सांसद पार्टी छोड़ना चाहता है, तो उसे पहले अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए और फिर जनता के बीच जाकर चुनाव लड़ना चाहिए।
बुधवार को दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में संजय राउत ने लोकसभा सांसद अरविंद सावंत और अनिल देसाई के साथ मीडिया को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की जनता उन नेताओं को माफ नहीं करेगी जो पार्टी के भरोसे चुनाव जीतकर बाद में पाला बदल लेते हैं। राउत ने कहा, “अगर किसी सांसद के बारे में पार्टी छोड़ने की खबरें आ रही हैं, तो उन्हें सामने आकर इसका खंडन करना चाहिए। यदि कोई जाना चाहता है तो इस्तीफा देकर जाए। इस बार महाराष्ट्र की जनता चुप नहीं बैठेगी।” उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी नेतृत्व ने सांसदों को चुनाव जिताने के लिए काफी मेहनत की थी। उद्धव ठाकरे और पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनके लिए दिन-रात काम किया। इसलिए अगर कोई सांसद पार्टी छोड़ता है, तो इसे कार्यकर्ताओं और मतदाताओं के साथ विश्वासघात माना जाएगा।
संजय राउत ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि कुछ सांसदों को पार्टी तोड़ने के लिए पैसे की पेशकश की गई है। उनके अनुसार, प्रत्येक सांसद को 15 करोड़ रुपये दिए गए और उन्हें अलग-अलग स्थानों से चार्टर विमान के जरिए ले जाया गया। उन्होंने कहा कि इस मामले की जानकारी पार्टी नेतृत्व के पास है। राउत ने बताया कि 18 जून को दिल्ली में शिवसेना (UBT) के संसदीय दल की बैठक बुलाई गई है और सभी सांसदों को इसमें शामिल होने के लिए व्हिप जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि पार्टी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।
दरअसल, महाराष्ट्र में इन दिनों “ऑपरेशन टाइगर” की काफी चर्चा हो रही है। राजनीतिक गलियारों में अटकलें हैं कि शिवसेना (UBT) के नौ में से सात सांसद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के संपर्क में हैं और पार्टी बदल सकते हैं। हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। राउत ने कहा कि सांसदों को जनता ने शिवसेना (UBT) के चुनाव चिह्न और विचारधारा के आधार पर चुना है। इसलिए यदि कोई नेता पार्टी छोड़ना चाहता है तो उसे पहले जनता से नया जनादेश लेना चाहिए।
उन्होंने कहा, “हमारे टिकट पर जीतकर संसद पहुंचे लोग अगर पार्टी छोड़ना चाहते हैं तो पहले इस्तीफा दें। जनता ने उन्हें हमारे नाम पर वोट दिया है।” राउत ने यह भी कहा कि शिवसेना (UBT) किसी भी राजनीतिक दबाव या पार्टी तोड़ने की कोशिश के सामने झुकने वाली नहीं है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के सांसदों ने वफादारी की शपथ ली है और वे इस तरह की साजिशों का मुकाबला करेंगे।
इस बीच भाजपा विधायक आशीषराव देशमुख ने एक नया दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि संजय राउत, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) और शरद पवार के गुट को कांग्रेस में विलय कराने की कोशिश कर रहे हैं। देशमुख ने कहा कि उन्हें ऐसी जानकारी मिली है कि इस योजना के तहत उद्धव ठाकरे को महाराष्ट्र कांग्रेस की कमान और शरद पवार को राज्यसभा में विपक्ष का नेता बनाने की चर्चा चल रही है। हालांकि इस दावे पर शिवसेना (UBT) की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। फिलहाल महाराष्ट्र की राजनीति में इन घटनाओं को लेकर चर्चाएं तेज हैं। सभी की नजरें शिवसेना (UBT) के सांसदों की बैठक और आगे होने वाले राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।
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