इस्लामाबाद: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में स्थित एक गुरुद्वारे के भीतर सेवादार दंपति की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना सामने आई है। बता दें कि मरदान जिले के बाबू मोहल्ला इलाके में हुई इस वारदात के बाद धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर चिंताएं बढ़ गईं हैं।
गुरुद्वारे के भीतर हुआ जानलेवा हमला
जानकारी के अनुसार, गुरुद्वारे में सेवा कार्य से जुड़े जगन्नाथ और उनकी पत्नी असमा वंती पर अज्ञात हमलावरों ने उस समय हमला किया जब वे परिसर में मौजूद थे। हमलावरों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी फरार हो गए, जबकि पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया।
सूचना मिलने पर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की टीम घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। अधिकारियों का कहना है कि हत्या के पीछे के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है और सभी संभावित एंगल से जांच की जा रही है।
सिख समुदाय में बढ़ी असुरक्षा चिंता
गुरुद्वारे जैसे धार्मिक स्थल के भीतर हुई इस घटना ने पाकिस्तान में रह रहे सिख समुदाय के बीच चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मृतक दंपति लंबे समय से गुरुद्वारे की सेवा में समर्पित थे और समाज में उनकी अच्छी पहचान थी।
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दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग
घटना के बाद सिख धार्मिक संस्थाओं, श्री अकाल तख्त साहिब और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने इस हत्या की कड़ी निंदा करते हुए पाकिस्तान सरकार से दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।
संगठनों ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और पाकिस्तान में रहने वाले सिखों सहित सभी धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस मामले को गंभीरता से लेने की अपील की है।
फिलहाल पुलिस हमलावरों की तलाश में जुटी हुई है और जांच एजेंसियां घटना के पीछे की साजिश और संभावित कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही हैं।
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