बारिश शुरू होते ही आपने अक्सर सड़कों, पार्कों, खेतों और बगीचों में बड़ी संख्या में केंचुओं को जमीन से बाहर निकलते देखा होगा। कई बार तो बारिश रुकने के कुछ ही मिनटों बाद वे हर तरफ दिखाई देने लगते हैं। ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठता है कि आखिर केंचुए बारिश के बाद ही बाहर क्यों निकलते हैं? क्या उन्हें पानी पसंद होता है या इसके पीछे कोई और वजह है?
असल में इसके पीछे उनकी शारीरिक बनावट और जीवित रहने का तरीका जिम्मेदार है।
केंचुए जमीन के अंदर कैसे रहते हैं?
केंचुए अपना अधिकांश जीवन मिट्टी के अंदर बिताते हैं। वे वहां सुरंगें बनाकर रहते हैं और मिट्टी में मौजूद सड़े-गले जैविक पदार्थों को खाकर जीवित रहते हैं। यही कारण है कि उन्हें किसानों का दोस्त भी कहा जाता है, क्योंकि वे मिट्टी को उपजाऊ बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
बारिश के बाद बाहर क्यों निकलते हैं?
कई लोग सोचते हैं कि बारिश का पानी उनके बिलों में भर जाता है, इसलिए वे बाहर आ जाते हैं। हालांकि यह पूरा सच नहीं है। केंचुए फेफड़ों से नहीं बल्कि अपनी नम त्वचा के जरिए सांस लेते हैं। जब तेज बारिश के कारण मिट्टी में बहुत ज्यादा पानी भर जाता है तो मिट्टी के भीतर मौजूद हवा और ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है। ऐसे में केंचुओं को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। सांस लेने में दिक्कत होने पर वे जमीन की सतह पर आ जाते हैं जहां उन्हें ऑक्सीजन आसानी से मिल सके।
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क्या पानी से बचने के लिए बाहर आते हैं?
कुछ मामलों में हां। अगर लगातार भारी बारिश हो और मिट्टी पूरी तरह पानी से भर जाए, तो केंचुओं के लिए जमीन के अंदर रहना मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में वे बाहर निकलना ही ज्यादा सुरक्षित समझते हैं। हालांकि वैज्ञानिकों का मानना है कि केवल पानी भर जाना ही वजह नहीं है। ऑक्सीजन की कमी भी एक बड़ा कारण होती है।
बारिश के दौरान यात्रा करना भी होता है आसान
एक दिलचस्प तथ्य यह भी है कि बारिश के बाद मिट्टी और जमीन नम हो जाती है। ऐसी सतह पर केंचुओं के लिए एक जगह से दूसरी जगह जाना आसान हो जाता है। सूखी जमीन की तुलना में गीली सतह पर उनका शरीर आसानी से आगे बढ़ पाता है। कुछ शोधों के अनुसार, बारिश के बाद बाहर निकलना उनके लिए नए स्थानों तक पहुंचने और साथी खोजने में भी मददगार हो सकता है।
क्या बाहर निकलना उनके लिए सुरक्षित होता है?
हर बार नहीं। जमीन से बाहर आने के बाद केंचुओं को कई खतरों का सामना करना पड़ता है। पक्षी, मेंढक और अन्य जीव उन्हें आसानी से अपना शिकार बना सकते हैं। इसके अलावा अगर बारिश रुकने के बाद तेज धूप निकल आए और वे समय पर मिट्टी में वापस न लौटें, तो उनका शरीर सूख सकता है, जिससे उनकी मौत भी हो सकती है।
खेती के लिए क्यों जरूरी हैं केंचुए?
केंचुए मिट्टी में सुरंगें बनाकर उसे भुरभुरा बनाते हैं, जिससे हवा और पानी आसानी से अंदर पहुंच पाते हैं। इसके अलावा वे जैविक पदार्थों को विघटित करके मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यही वजह है कि उन्हें प्राकृतिक रूप से मिट्टी का सबसे अच्छा मित्र माना जाता है।
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