rising-cases-of-child-pornography agency alert : हल्द्वानी। नैनीताल में चाइल्ड पोर्नोग्राफी से जुड़े मामलों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने पुलिस और साइबर सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। बीते छह माह से भी कम समय में सामने आए 24 मामलों ने यह संकेत दिया है कि ऑनलाइन माध्यमों का दुरुपयोग बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है।
इस तरह के चार मामलों में मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि कई संदिग्ध अब भी जांच एजेंसियों की निगरानी में हैं। इस बढ़ते खतरे को देखते हुए पुलिस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कड़ी नजर रख रही है और लोगों से भी सतर्क रहने की अपील कर रही है। बच्चों के यौन शोषण से जुड़े किसी भी प्रकार के कंटेंट को देखना, सर्च करना, डाउनलोड करना या साझा करना कानूनन अपराध है। इसके बावजूद कई युवा इसे सामान्य इंटरनेट गतिविधि समझकर जोखिम उठा रहे हैं। एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया डिजिटल प्लेटफार्म पर की जाने वाली गतिविधियों के रिकॉर्ड सुरक्षित रहते हैं और जरूरत पड़ने पर उनकी पहचान संभव होती है।
विशेषज्ञों के अनुसार चाइल्ड पोर्नोग्राफी केवल साइबर अपराध नहीं, बल्कि बच्चों के शोषण से सीधे जुड़ा गंभीर सामाजिक अपराध है। ऐसे कंटेंट की मांग और खपत बच्चों के खिलाफ अपराधों को बढ़ावा दे सकती है। इसलिए अभिभावकों को बच्चों की आनलाइन गतिविधियों पर नजर रखने और युवाओं को साइबर कानूनों की जानकारी देने की जरूरत है। सिटी हल्द्वानी के एसपी मनोज कत्याल बताते हैं कि चाइल्ड पोर्नोग्राफी से जुड़े 20 मामलों की जांच की जा रही है। अब तक जिले में चार प्राथमिकी पंजीकृत किए गए हैं। अभिभावकों को भी बच्चों के प्रति जागरूक होने की जरूरत है।
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