Last Updated: October 4, 2026

Dainik Savera Times Logo

NCERT किताब में शामिल की गई 1975 की इमरजेंसी, छात्र पढ़ेंगे लोकतंत्र का काला दौर

June 25, 2026

NCERT किताब में शामिल की गई 1975 की इमरजेंसी, छात्र पढ़ेंगे लोकतंत्र का काला दौर

NCERT book: NCERT ने स्कूल पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव करते हुए पहली बार वर्ष 1975-77 के इमरजेंसी को कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान की किताब में शामिल किया है। यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत किए जा रहे पाठ्यक्रम सुधारों का हिस्सा है।

अब तक आपातकाल से जुड़ी जानकारी मुख्य रूप से कक्षा 12 की राजनीति विज्ञान की पुस्तकों में पढ़ाई जाती थी, लेकिन नई व्यवस्था के तहत कक्षा 9 के छात्रों को भी भारतीय लोकतंत्र के इस महत्वपूर्ण दौर के बारे में जानकारी दी जाएगी। यह विषय नई सामाजिक विज्ञान पुस्तक ‘अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड’ के पहले भाग में शामिल किया गया है।

नई किताब के छठे अध्याय में लोकतंत्र और उसके सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की गई है। इसी अध्याय में ‘इमरजेंसी’ नाम से एक विशेष खंड जोड़ा गया है। इसमें बताया गया है कि वर्ष 1975 से 1977 के बीच लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक था।

पुस्तक के अनुसार, उस समय देश में बेरोजगारी, महंगाई और सरकार के खिलाफ बढ़ते असंतोष के कारण राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण हो गया था। इसी दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सरकार ने देश में आपातकाल लागू किया था।

मौलिक अधिकारों पर लगी थी रोक

किताब में यह भी बताया गया है कि आपातकाल के दौरान नागरिकों के कई मौलिक अधिकारों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया था। मीडिया और समाचार पत्रों पर सेंसरशिप लागू की गई थी तथा कई विपक्षी नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके अलावा छात्रों को यह भी समझाया गया है कि इस अवधि में लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिक स्वतंत्रताओं पर किस प्रकार प्रभाव पड़ा था।

जयप्रकाश नारायण आंदोलन का भी उल्लेख

अध्याय में समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में चले जन आंदोलनों का भी जिक्र किया गया है। इसमें बताया गया है कि बिहार और गुजरात समेत कई राज्यों में छात्रों और आम लोगों ने सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किए थे। इन आंदोलनों ने देश की राजनीति को नई दिशा दी और लोकतंत्र को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाई।

1977 के चुनाव और लोकतंत्र की वापसी

पुस्तक में आगे बताया गया है कि वर्ष 1977 में आपातकाल समाप्त किया गया। इसके बाद आम चुनाव कराए गए, जिनमें जनता ने मतदान के माध्यम से अपनी राय व्यक्त की। इस चुनाव को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जाता है।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि कक्षा 9 में इस विषय को शामिल करने से छात्रों को भारतीय संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और देश के राजनीतिक इतिहास को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिलेगा। इससे उन्हें यह जानने में मदद मिलेगी कि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए नागरिकों की क्या भूमिका होती है।

Democracy and You नाम का नया सेक्शन भी जोड़ा

नई पुस्तक में पहली बार Democracy and You नाम से एक विशेष खंड भी शामिल किया गया है। NCERT के अनुसार, इसका उद्देश्य छात्रों को यह समझाना है कि लोकतंत्र केवल सरकार या चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिक भी इसका अहम हिस्सा होते हैं। इस सेक्शन के माध्यम से विद्यार्थियों को उनके दैनिक जीवन और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के बीच संबंध समझाने का प्रयास किया गया है, ताकि वे अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति अधिक जागरूक बन सकें।

 

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें