Himachal Crime: सिरमौर पुलिस एवं स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने नशा तस्करी के मुख्य आरोपित महमूद अली और उसके ड्रग सिंडिकेट की करीब 4.41 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध संपत्ति जब्त की है। जांच के दौरान आरोपित के 12 छोटे वाहन, एक ट्रक और तीन मकानों की पहचान कर उन्हें जब्त किया गया।
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जब्त की गई संपत्ति से संबंधित मामला आगे की विधिक कार्रवाई के लिए सक्षम प्राधिकारी, नई दिल्ली को भेज दिया गया है। वहां संपत्ति के सत्यापन के बाद नियमानुसार स्थायी जब्ती की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। महमूद अली और उसके सहयोगियों के विरुद्ध हिमाचल प्रदेश सहित अन्य राज्यों में एनडीपीएस अधिनियम के तहत कई मामले दर्ज हैं। वर्तमान में मुख्य आरोपित महमूद अली को पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट के तहत माडर्न सेंट्रल जेल, नाहन में निरुद्ध किया गया है।
तस्करी से अर्जित की गई संपत्ति का खुलासा
वित्तीय जांच में सामने आया है कि महमूद अली, उसके परिजनों और सहयोगियों ने अफीम, चूरा-पोस्त तथा अन्य मादक पदार्थों की अंतरराज्यीय तस्करी से अवैध संपत्ति अर्जित की। जांच के अनुसार, पिछले छह वर्षों में आरोपितों की वैध आय मात्र 72.58 लाख रुपये रही, जबकि उनके द्वारा अर्जित संपत्तियों का कुल मूल्य 4.41 करोड़ रुपये से अधिक पाया गया।
आय और संपत्ति में भारी अंतर
जांच एजेंसियों के अनुसार आय और संपत्ति के बीच यह बड़ा अंतर अवैध मादक पदार्थों के कारोबार से अर्जित धन की ओर स्पष्ट संकेत करता है। जांच में यह भी सामने आया कि ड्रग सिंडिकेट द्वारा ‘मैसर्स बुलबुल ट्रांसपोर्ट कंपनी’ और ‘मैसर्स बुलबुल फ्रूट सप्लायर’ जैसी कथित मुखौटा कंपनियों का इस्तेमाल नशा तस्करी से अर्जित धन को वैध दिखाने तथा अवैध गतिविधियों को छिपाने के लिए किया जा रहा था।
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