आयोध्याः राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एक बड़ी खबर सामने आई है। जहां, श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने भी अपना इस्तीफा सौंप दिया है। हालांकि, अब तक इस मामले में दर्ज एफआईआर में चंपत राय और अनिल मिश्रा का नाम शामिल नहीं है। लेकिन माना जा रहा है कि इस्तीफा देने के बाद अब जांच एजेंसियां उनकी भूमिका की भी गहराई से जांच कर सकती हैं।
चंपत राय ने नैतिक आधार पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के जनरल सेक्रेटरी पद से इस्तीफा दे दिया। ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने भी इस्तीफा दे दिया। pic.twitter.com/SZ29IjEWSD
— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 26, 2026
कौन हैं चंपत राय
चंपत राय लंबे समय से राम मंदिर आंदोलन का प्रमुख चेहरा रहे हैं। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ होने के बाद उनका नाम लगातार चर्चा में रहा। चंपत राय 1980 के दशक से राम मंदिर आंदोलन से जुड़े हुए हैं। उन्होंने 6 दिसंबर 1992 की कारसेवा में भी सक्रिय भूमिका निभाई थी। उनका जन्म वर्ष 1946 में उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में हुआ था। उनका पूरा नाम चंपत राय बंसल है।
मंदिर आंदोलन में पूरी तरह सक्रिय होने से पहले वे बिजनौर के एक आरएसएस से जुड़े डिग्री कॉलेज में केमिस्ट्री के प्रोफेसर थे। आपातकाल (इमरजेंसी) के दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया था और उन्होंने करीब 18 महीने जेल में बिताए। वर्ष 1980-81 में उन्होंने अपनी नौकरी छोड़कर आरएसएस के पूर्णकालिक प्रचारक के रूप में काम शुरू किया। चंपत राय अविवाहित हैं और लंबे समय से सामाजिक व धार्मिक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं।
SIT रिपोर्ट के बाद तेज हुई कार्रवाई
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गठित एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) की शुरुआती रिपोर्ट आने के बाद अब कार्रवाई शुरू हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार चढ़ावे की निगरानी व्यवस्था में कई कमियां पाई गईं। तय नियमों और एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) का सही तरीके से पालन नहीं किया गया। इसी लापरवाही के कारण चढ़ावा चोरी की घटना संभव हो सकी। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराया है और उन्हें कोर्ट में पेश करने की तैयारी की जा रही है।
चढ़ावा चोरी मामले में अब तक कौन-कौन गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में अब तक कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें कई ऐसे लोग शामिल हैं जो राम मंदिर ट्रस्ट की व्यवस्था से जुड़े बताए जा रहे हैं। रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, जिन्हें चंपत राय का करीबी माना जाता है। टिन्नू यादव का भतीजा मनीष यादव। लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव, जिनके पास कैश काउंटिंग की निगरानी की जिम्मेदारी थी और बताया जाता है कि वे सीधे अनिल मिश्रा को रिपोर्ट करते थे। इसके अलावा अन्य आरोपियों से भी पूछताछ जारी है।
क्या चंपत राय पर बढ़ेगी जांच?
गिरफ्तारी के बाद लगातार ऐसी चर्चा चल रही थी कि चंपत राय नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। अब उनके इस्तीफे के बाद माना जा रहा है कि जांच एजेंसियां उनकी भूमिका और जिम्मेदारी की भी विस्तार से जांच कर सकती हैं। हालांकि, अभी तक उनके खिलाफ कोई आधिकारिक आरोप या एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सख्त संदेश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। देवरिया में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि जनआस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 19 जून को उन्होंने एसआईटी रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई का भरोसा दिया था और अब उसी के अनुसार कार्रवाई शुरू हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि जो भी इस चोरी में शामिल होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। एसआईटी हर आरोपी तक पहुंचेगी और किसी को भी बचने नहीं दिया जाएगा। सनातन आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को कानून के मुताबिक सजा मिलेगी। राम मंदिर को लेकर बेबुनियाद आरोप लगाने वालों की मंशा भी ठीक नहीं है।