Shani Trayodashi 2026: इस वर्ष शनि त्रयोदशी 27 जून को मनाई जाएगी। शनिवार के दिन पड़ने वाली त्रयोदशी तिथि को शनि प्रदोष व्रत भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और शनि देव की आराधना करने से साढ़ेसाती, ढैया और अन्य अशुभ प्रभावों से राहत मिल सकती है। हालांकि, इस दिन कुछ ऐसे कार्य भी बताए गए हैं जिनसे बचना शुभ माना जाता है।
इन कार्यों से करें परहेज
1. लोहे और तेल की खरीदारी से बचें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनि त्रयोदशी के दिन लोहा, सरसों का तेल, काले तिल, चमड़े की वस्तुएं और जूते-चप्पल खरीदना शुभ नहीं माना जाता। माना जाता है कि इससे आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं।
2. शनि देव की प्रतिमा की आंखों में सीधे न देखें
मंदिर में दर्शन के दौरान शनि देव के चरणों में ध्यान लगाकर पूजा करने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि उनकी प्रतिमा की आंखों में सीधे देखना उचित नहीं माना जाता।
3. तामसिक भोजन और नशे से रहें दूर
इस दिन मांसाहार, शराब, अंडा और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करने से बचना चाहिए। व्रत या पूजा करने वाले लोगों को लहसुन और प्याज का सेवन भी नहीं करना चाहिए।
4. गरीबों और जरूरतमंदों का सम्मान करें
शनि देव को न्याय का देवता माना जाता है। इसलिए इस दिन किसी गरीब, बुजुर्ग, मजदूर, सफाईकर्मी या बेजुबान पशु का अपमान या उन्हें कष्ट पहुंचाने से बचना चाहिए।
5. घर में अंधेरा न रखें
शाम के समय घर के मुख्य द्वार और मंदिर में दीपक जलाना शुभ माना जाता है। साथ ही झूठ बोलने, धोखा देने या किसी के साथ अन्याय करने से भी बचना चाहिए।
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क्या करना रहेगा शुभ?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनि त्रयोदशी पर पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना, उसमें काले तिल अर्पित करना और ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा जरूरतमंद लोगों को काले चने, कंबल या चप्पल का दान करने से भी शनि देव की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है।