
Entertainment News: एक समय था जब अक्षय कुमार बॉलीवुड के सबसे भरोसेमंद सितारों में गिने जाते थे। साल में चार-पांच फिल्में देना और उनमें से ज्यादातर का हिट होना उनकी पहचान बन चुकी थी। लेकिन पिछले कुछ सालों में तस्वीर पूरी तरह बदलती नजर आ रही है। लगातार फ्लॉप फिल्मों और दर्शकों की घटती दिलचस्पी ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अब अक्षय कुमार को फिल्मों से संन्यास लेने के बारे में सोचना चाहिए?
हाल ही में रिलीज हुई “वेलकम टू द जंगल” ने भी इस बहस को और तेज कर दिया है। फिल्म में सितारों की लंबी फौज होने के बावजूद कहानी बिखरी हुई नजर आती है और अक्षय कुमार का अभिनय कई जगह जरूरत से ज्यादा ओवर-द-टॉप महसूस होता है। जिस सहज कॉमिक टाइमिंग के लिए कभी उनकी तारीफ होती थी, वही अब कई दर्शकों को ओवरएक्टिंग लगने लगी है।
सबसे बड़ी बात यह है कि “वेलकम” जैसी फ्रेंचाइज़ी की असली जान माने जाने वाले उदय भाई और मजनू भाई की गैरमौजूदगी फिल्म में साफ खलती है। दर्शकों का मानना है कि केवल बड़े स्टार्स को जोड़ देने से किसी फिल्म में पुराना जादू वापस नहीं आता।
वहीं, कुछ आलोचकों का मानना है कि “भूत बंगला” के पीछे कहीं न कहीं वह भावना भी हो सकती है, जब कार्तिक आर्यन ने अक्षय कुमार के बिना ही “भूल भुलैया” फ्रेंचाइज़ी को सफल बना दिया। हालांकि, यह सिर्फ एक राय और अटकल है, जिसका कोई आधिकारिक प्रमाण नहीं है। लेकिन इससे इतना जरूर साबित होता है कि आज के दौर में दर्शक केवल स्टार पावर नहीं, बल्कि अच्छी कहानी और मनोरंजन को ज्यादा महत्व देते हैं।
अक्षय कुमार की तुलना अक्सर शाहरुख खान, सलमान खान और आमिर खान से की जाती है, लेकिन वर्तमान समय में उनकी फिल्मों का बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन यह सवाल जरूर खड़ा करता है कि क्या उनके पास आज भी वैसा ही स्टारडम बचा है। शाहरुख ने अपनी वापसी शानदार तरीके से की, जबकि आमिर और सलमान की फिल्मों को लेकर आज भी अलग स्तर की उत्सुकता देखने को मिलती है। दूसरी ओर, अक्षय कुमार की लगातार असफल फिल्मों ने उनकी स्टार वैल्यू पर असर डाला है।
हालांकि, यह कहना भी जल्दबाजी होगी कि उन्हें पूरी तरह संन्यास ले लेना चाहिए। शायद जरूरत फिल्मों की संख्या कम करने, बेहतर स्क्रिप्ट चुनने और अपने पुराने अंदाज में लौटने की है। हर साल कई फिल्में करने की बजाय अगर वह एक या दो मजबूत कहानियों पर ध्यान दें, तो शायद दर्शकों का भरोसा फिर से जीत सकते हैं।
आखिरकार, किसी भी सुपरस्टार का करियर केवल उसकी लोकप्रियता से नहीं, बल्कि समय के साथ खुद को बदलने की क्षमता से तय होता है। अब फैसला अक्षय कुमार को करना है कि वह पहले वाले अक्षय बनना चाहते हैं या फिर लगातार फ्लॉप फिल्मों के इस दौर को अपनी विरासत का हिस्सा बनने देना चाहते हैं।
मेष: दिन शुभ रहेगा...