Last Updated: September 21, 2026

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अमेरिकी वीजा प्रोसैसिंग के लिए एआई को बढ़ावा देने की योजना बना रही ट्रंप सरकार

June 29, 2026

अमेरिकी वीजा प्रोसैसिंग के लिए एआई को बढ़ावा देने की योजना बना रही ट्रंप सरकार

वाशिंगटन: अमरीका के गृह सुरक्षा सचिव मार्कवेन मुलिन ने सांसदों को बताया कि ट्रंप सरकार यूएस वीजा प्रोसेसिंग और लीगल इमिग्रेशन सर्विस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से बदलाव करने की योजना बना रहा है। इसमें एक नया मोबाइल एप्लीकेशन भी शामिल है, जिसका मकसद अप्रूवल में तेजी लाना, पेपरवर्क कम करना और दक्षता में सुधार करना है। देश के अंदर सुरक्षा को लेकर हाउस एप्रोप्रिएशन सब-कमेटी के सामने पेश होते हुए मुलिन ने कहा कि गृह सुरक्षा विभाग (डीएचएस) इमिग्रेशन सिस्टम को आधुनिक बना रहा है ताकि लीगल माइग्रेशन तेजी से हो सके और साथ ही सुरक्षा निगरानी भी ज्यादा सख्त रहे।

मुलिन ने कहा, हम अभी ऐसे सिस्टम बना रहे हैं ताकि एक ऑटोमेटेड सिस्टम के जरिए ऐसा किया जा सके। उन्होंने कहा, पहला एआई-इनेबल्ड प्लेटफॉर्म 30 दिनों के अंदर चालू हो जाएगा। शुरुआती रोलआउट का फोकस डेफर्ड एक्शन फॉर चाइल्डहुड अराइवल्स (डीएसीए) प्रोग्राम के तहत आवेदन प्रक्रिया में बैकलॉग को कम करना होगा। मुलिन ने कहा कि विभाग अपने आवेदन प्रक्रिया को भी रीडिजाइन कर रहा है ताकि उन गलतियों को कम किया जा सके जिनसे अक्सर वीजा अप्रूवल में देरी होती है।

उन्होंने कहा, हम इसे ऐसे सिस्टम में क्यों नहीं ले जा सकते कि आप पेपरवर्क तब तक सबमिट न कर सकें जब तक वह सही तरीके से भरा न जाए? तकनीक मौजूद है, हमें बस उसे अपनाना है। सचिव ने बताया कि डीएचएस वाणिज्य विभाग के साथ मिलकर एक मोबाइल आवेदन विकसित कर रहा है, जो आवेदकों के लिए इमिग्रेशन सर्विस को आसान बनाएगा। मुलिन ने कहा, हम असल में एक ऐप बनाने की कोशिश कर रहे हैं। मैंने इस हफ्ते राष्ट्रपति को इसके बारे में बताया और प्रैसिडैंट को यह आइडिया बहुत पसंद आया। उन्होंने कहा कि डिजिटल बदलाव से आवेदक और नियोक्ता दोनों के लिए क्षमता बेहतर होगी।

मुलिन ने कहा, हम जितनी भी देरी करते हैं, उसका असर हमारी अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। वाशिंगटन के कांग्रेसी डैन न्यूहाउस के सवालों का जवाब देते हुए मुलिन ने कहा कि विभाग ने एच-2ए एग्रीकल्चरल वीजा के लिए प्रोसैससंग िंग टाइम में काफी सुधार किया है। उन्होंने कहा, यह 15 दिन का टर्नअराउंड है। इनमें से बहुत से कृषि श्रमिक जाने-पहचाने हैं। वे आते-जाते रहते हैं, हम उन्हें हर बार देखते हैं। उन्होंने आगे कहा कि डीएचएस डेयरी फार्मिंग जैसे क्षेत्र में लेबर की कमी को दूर करने के तरीकों पर भी विचार कर रहा है, जहां मौजूदा वीजा नियम मौसमी कृषि रोजगार से अलग हैं।

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