
मुंबई : महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटों के दौरान हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है, जबकि कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। महाराष्ट्र राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एमएसडीएमए) की मंगलवार सुबह जारी स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, बारिश से जुड़ी घटनाओं में 2 लोगों की मौत हुई है और कई लोग घायल हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक 203.3 मिमी बारिश पालघर जिले में दर्ज की गई।
इसके अलावा ठाणे में 116.4 मिमी, रायगढ़ में 108.7 मिमी, मुंबई उपनगर में 90.4 मिमी और पुणे में 70.9 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। लगातार हो रही बारिश के कारण कोंकण क्षेत्र की कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। अंबा, सावित्री और जगबुडी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जबकि कुंडलिका और पिंजल नदियां चेतावनी स्तर को पार कर चुकी हैं। बारिश से जुड़े हादसों में सतारा जिले में भूस्खलन के कारण एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं, भारी बारिश के चलते दीवार गिरने से 4 पशुओं की भी मौत हुई।
नंदुरबार में आकाशीय बिजली गिरने से एक व्यक्ति की जान चली गई। ठाणे और मुंबई शहर में पेड़ गिरने की अलग-अलग घटनाओं में एक-एक व्यक्ति घायल हुआ है। भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (इनकॉइस) ने महाराष्ट्र के पूरे समुद्री तट के लिए 8 जुलाई की रात तक रैड अलर्ट जारी किया है। चेतावनी के अनुसार, समुद्र में 4.8 से 5 मीटर तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं। राज्य के बांधों में फिलहाल कुल जल भंडारण क्षमता का 32.62 प्रतिशत पानी मौजूद है, जो पिछले वर्ष इसी अवधि के 46.57 प्रतिशत के मुकाबले कम है।
हालांकि, कोंकण क्षेत्र के जलाशयों में सबसे अधिक 68.52 प्रतिशत जल भंडारण दर्ज किया गया है। महाराष्ट्र के रत्नागिरि जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बड़ा भूस्खलन हुआ है। इस हादसे में 5 मकान मलबे में दब गए और कुछ लोग उसके नीचे फंस गए हैं।
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