Last Updated: September 21, 2026

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राम मंदिर परिसर में काम करने वाले सभी लोगों के कॉल रिकॉर्ड की जांच हो : अखिलेश यादव

July 10, 2026

राम मंदिर परिसर में काम करने वाले सभी लोगों के कॉल रिकॉर्ड की जांच हो : अखिलेश यादव

लखनऊः समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अयोध्या में राम मंदिर परिसर में काम करने वाले सभी लोगों के फोन कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की जांच की मांग करते हुए बृहस्पतिवार को दावा किया कि इनमें से “99.9 प्रतिशत” लोगों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से संबंध पाए जाएंगे। अखिलेश ने संवाददाताओं से बातचीत में भाजपा पर चुनावी फायदों को धार्मिक मूल्यों से ऊपर रखने का आरोप लगाया और यह भी दावा किया कि अगर यह जांच हो जाए तो भाजपा में ‘भगदड़’ मच जाएगी।

सपा प्रमुख ने कहा कि राम मंदिर ‘चंदा चोरी’ की विशेष अन्वेषण दल (एसआईटी) द्वारा जांच किए जाने का मुद्दा “हर घर” में चर्चा का विषय बन गया है। यादव ने कहा, “मंदिर परिसर में काम करने वाले सभी लोगों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच होनी चाहिए। जैसे ही सीडीआर की जांच होगी, उनमें से 99.9 प्रतिशत लोग भाजपा के ही निकलेंगे। आप कल्पना भी नहीं कर सकते कि तब भाजपा के भीतर कैसी भगदड़ मचेगी। पार्टी छोड़ने का सिलसिला पहले ही शुरू हो चुका है और कई लोग हमसे संपर्क भी करने लगे हैं।”

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके अखिलेश ने भाजपा पर चुनावी सुविधा के लिए अपने विचार तक बदल डालने का आरोप लगाते हुए कहा, “भाजपा वोटों के लिए अपने विचार बदल लेती है। उनके लिए धर्म से ज्यादा पैसा जरूरी है।” उन्होंने कहा, ”हमने देखा है कि क्या हुआ है (अयोध्या में)। जिन लोगों ने जिम्मेदारी सौंपी थी, वे कहीं नजर नहीं आ रहे हैं, जबकि जिन्हें जिम्मेदारी दी गई थी, वे सवालों का सामना कर रहे हैं। वे लोग कहां हैं जिन्होंने (राम मंदिर में) जिम्मेदारियां दी थीं।”

राम मंदिर में दान की कथित चोरी से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए यादव ने कहा कि इस घटना से दुनिया भर में सनातन धर्म के अनुयायी चिंतित हैं। उन्होंने आरोप लगाया, “पूरा सनातन समुदाय चिंतित है। भगवान राम को मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में पूजा जाता है, लेकिन भाजपा ने अपने राजनीतिक हितों के लिए उन आदर्शों को तोड़-मरोड़ दिया है।”

यादव ने कथित दान चोरी मामले की जांच के लिये गठित एसआईटी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यह तो बस मामले को दबाने की कोशिश है। उन्होंने कहा, ”एसआईटी क्या है, यह लीपापोती है। सुनने में आया है कि खुद एसआईटी पर ही सवाल उठ रहे हैं। एसआईटी के एक सदस्य पर 420 (धोखाधड़ी) का मामला चल रहा है। अब बताइए, क्या वही रहेंगे एसआईटी में?”

उन्होंने कहा, ”यह लड़ाई बड़ी है। आप इसे समझ नहीं पा रहे हैं। यह दिल्ली और लखनऊ के बीच की लड़ाई है। अगर दिल्ली (केंद्र) वाले जांच करते तो ईडी (प्रवर्तन निदेशालय), सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) और इनकम टैक्स (आयकर विभाग) जैसी एजेंसियां जांच करतीं।”

अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोपों की जांच के लिए सरकार ने गत 13 जून को तीन सदस्यों वाली एसआईटी बनाई गई थी, जिसमें लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस. और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं।

यादव ने आरोप लगाते हुए कहा कि भक्तों द्वारा दिए गए दान और चढ़ावे के प्रबंधन में गड़बड़ी हुई है। उन्होंने कहा, “सनातन धर्म में भक्तों द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे को चुराने से बड़ा कोई पाप नहीं है। उन्होंने बहुत बड़ा पाप किया है। सनातन धर्म को मानने वाले लोग आस्था के मामलों को लेकर बहुत भावुक होते हैं।”

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के आरोपों पर यादव ने सवाल उठाया कि आरोप लगने के बावजूद सत्ताधारी पार्टी के सांसद के खिलाफ कोई प्राथमिकी क्यों दर्ज नहीं की गई। दुबे ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया था कि अखिलेश यादव के संबंध दान की चोरी के आरोपी रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव से हैं। यादव ने कहा, “विपक्ष के खिलाफ तो मुकदमे दर्ज हो रहे हैं लेकिन विपक्ष के मुकदमे दर्ज नहीं किये जा रहे हैं।”

सपा प्रमुख ने कहा, ”भाजपा इस तरह की परम्परा को राजनीति में ना लाये….यह लोकतंत्र के लिये खतरा है, हमारे देश के लिये खतरा है, आज वह पक्ष में हैं कल वह भी विपक्ष में होंगे। अपने आपको विपक्ष की जगह रखकर देखें।” इससे पहले, यादव ने अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मुलाकात की और दावा किया कि धर्मगुरु ने गायों की सुरक्षा के मुद्दे पर चिंता जताई है।

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