
rain expected on 13-14 July : अंबाला। हरियाणा में सक्रिय दो अलग-अलग मौसम प्रणालियों के प्रभाव से मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। प्रदेश के उत्तरी जिलों में जहां अच्छी मानसूनी बारिश दर्ज हो रही है। महेंद्रगढ़ सहित दक्षिणी और पश्चिमी जिलों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी के साथ मौसम सुहावना बना है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार उत्तर प्रदेश के उत्तरी भाग में बना निम्न दबाव क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग मौसम की स्थिति देखने को मिल रही है। डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि पहले सक्रिय वेल मार्क लो प्रेशर कमजोर होकर सामान्य लो प्रेशर में बदल गया है, जबकि इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण अभी ऊपरी वायुमंडल तक फैला हुआ है। इसके अलावा मानसून ट्रफ गंगानगर, रोहतक, उत्तर प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत की ओर सक्रिय है। वहीं गांगेय पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के ऊपर भी चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
उत्तरी पाकिस्तान और पंजाब के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ भी प्रदेश के मौसम को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में हरियाणा के उत्तरी जिलों में मानसून की गतिविधियां तेज बनी हुई हैं, जबकि पश्चिमी जिलों में पश्चिमी विक्षोभ के कारण हल्की बारिश और बूंदाबांदी हो रही है। मध्य हरियाणा में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क लेकिन परिवर्तनशील बना हुआ है। तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है और दिन व रात का तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है।
महेंद्रगढ़, कनीना, अटेली और सतनाली क्षेत्र में हल्की बारिश और बूंदाबांदी दर्ज की गई। वहीं नारनौल और नांगल चौधरी में दिनभर बादलों की आवाजाही और तेज हवाओं के कारण मौसम सुहावना बना रहा, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार 13 जुलाई से एक नया कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से हरियाणा के पश्चिमी हिस्सों में 13 और 14 जुलाई को तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश और बूंदाबांदी हो सकती है। वहीं 12 जुलाई से मानसून ट्रफ के तराई क्षेत्रों की ओर खिसकने के कारण उत्तरी हरियाणा में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी, जबकि शेष प्रदेश में छिटपुट बारिश की संभावना रहेगी।
उन्होंने कहा कि इस दौरान नमी और आद्रता बढ़ने से अधिकांश क्षेत्रों में उमसभरी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है। हालांकि 18 जुलाई के आसपास बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बनने वाली नई मौसम प्रणालियों तथा एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने की संभावना है। डॉ. चंद्रमोहन का कहना है कि इस वर्ष अल-नीनो की परिस्थितियों के कारण मानसून सामान्य से कमजोर रहने के संकेत हैं। ऐसे में हरियाणा के पश्चिमी हिस्सों में अच्छी बारिश की उम्मीद मुख्य रूप से पश्चिमी विक्षोभों पर ही निर्भर रहेगी।
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