
Strict action against dilapidated buildings : महेंद्रगढ़। शहर में जर्जर और असुरक्षित भवनों से संभावित हादसों को रोकने के लिए नगरपालिका प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। नगरपालिका सचिव ने हरियाणा नगर पालिका अधिनियम, 1973 की धारा-120 के तहत मोहल्ला चौक (पुरानी अग्रवाल सभा के सामने) स्थित एक अत्यंत जर्जर भवन के स्वामियों को दो दिन के भीतर भवन की मरम्मत अथवा उसे हटाने का नोटिस जारी किया है।
नगरपालिका के अनुसार संबंधित भवन करीब 85 प्रतिशत तक क्षतिग्रस्त हो चुका है और कभी भी ढह सकता है। यह भवन आसपास रहने वाले लोगों तथा राहगीरों के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने इसे जनसुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत असुरक्षित मानते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। नोटिस में भवन स्वामियों हरिराम कजारिया और महेंद्र कजारिया को निर्देश दिए गए हैं कि वे दो दिनों के भीतर भवन को सुरक्षित स्थिति में लाएं या उसे हटाएं। यदि निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं की गई और भवन के गिरने से कोई दुर्घटना होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी भवन स्वामियों की होगी। साथ ही नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करते हुए भवन हटाने पर होने वाला खर्च भी संबंधित मालिकों से वसूल किया जाएगा।
नगरपालिका का कहना है कि शहर के मुख्य बाजारों और विभिन्न वार्डों में कई पुरानी हवेलियां एवं जर्जर मकान ऐसे हैं, जो लंबे समय से खस्ताहाल स्थिति में खड़े हैं। इन भवनों के कमजोर हिस्सों से मलबा गिरने की घटनाएं भी सामने आती रही हैं, जिससे दुकानदारों, राहगीरों और स्थानीय लोगों में हमेशा हादसे का डर बना रहता है। बारिश के मौसम को देखते हुए प्रशासन की चिंता और बढ़ गई है। लगातार वर्षा के कारण पुरानी इमारतों की दीवारें और छतें अधिक कमजोर हो रही हैं, जिससे उनके ढहने की आशंका बढ़ गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए नगरपालिका ने शहरभर में जर्जर भवनों का सर्वे शुरू कर दिया है और ऐसे भवनों को चिह्नित कर नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
नगरपालिका प्रधान रमेश सैनी ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि वर्षा ऋतु के दौरान सभी वार्डों एवं मुख्य बाजारों में स्थित जर्जर भवनों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने भवन स्वामियों से प्रशासन का सहयोग करने और समय रहते आवश्यक कदम उठाने की अपील की, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
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