तेहरान: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी हवाई हमलों ने ईरान में भारी नुकसान पहुंचाया है। ईरानी सरकार ने दावा किया है कि हालिया अमेरिकी हमलों में 30 से अधिक लोगों की मौत हुई है, जबकि 260 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। हालांकि, सरकार की प्रवक्ता फातेमेह मोहाजेरानी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह आंकड़ा किस अवधि के हमलों से जुड़ा है।
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि रातभर हुए अमेरिकी हवाई हमलों में बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, घायलों की संख्या 260 से अधिक है। ईरान का कहना है कि हाल के दिनों में हुए हमलों में यह सबसे बड़ा नुकसान है।
ईरानी सेना के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी ईरान के इरानशहर स्थित बम्पूर गैरीसन पर अमेरिकी हमले में उसके सात सैनिकों की मौत हो गई। सेना ने बताया कि अमेरिकी सेना ने सैन्य बैरक पर 13 मिसाइलें दागीं, जिसमें 388वीं ब्रिगेड के सात जवान मारे गए और कई अन्य घायल हुए।
ईरानी सेना ने इस हमले को “आक्रामक कार्रवाई” बताते हुए कहा कि इसका उचित समय पर जवाब दिया जाएगा। सेना का आरोप है कि हमले में सैन्य अड्डे के गेस्ट हाउस, सुरक्षा चौकियों और रहने की सुविधाओं को निशाना बनाया गया। ईरानी अधिकारियों का दावा है कि सुरक्षा उपायों के कारण नुकसान को कुछ हद तक सीमित किया जा सका।
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव का एक बड़ा कारण होर्मुज जलडमरूमध्य भी है। यह समुद्री मार्ग फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ता है और दुनिया के तेल व प्राकृतिक गैस व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। दोनों देशों के बीच सैन्य गतिविधियां बढ़ने से इस रणनीतिक इलाके में तनाव और गहराने की आशंका जताई जा रही है।
ईरान ने अमेरिकी हमलों का जवाब देने की चेतावनी दी है, जबकि क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हालात पर नजर रखी जा रही है। दोनों देशों के बीच फारस की खाड़ी के प्रवेश द्वार माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर तनाव बना हुआ है। दुनिया में समुद्री मार्ग से होने वाले तेल और प्राकृतिक गैस के कारोबार का बड़ा हिस्सा इसी रणनीतिक जलमार्ग से होकर गुजरता है।
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