Last Updated: October 20, 2026

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जालंधर में गन्ना किसानों के लिए जागरूकता कैंप का आयोजन, आधुनिक खेती और योजनाओं की दी गई जानकारी

July 18, 2026

जालंधर में गन्ना किसानों के लिए जागरूकता कैंप का आयोजन, आधुनिक खेती और योजनाओं की दी गई जानकारी

पंजाब डेस्क: जालंधर के नूरमहल क्षेत्र के तलवन गांव में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की गन्ना शाखा द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के तहत किसानों के लिए विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को गन्ने की आधुनिक खेती, उत्पादन बढ़ाने की तकनीकों और सरकारी योजनाओं से जोड़ना था।

खेती की नई तकनीकों पर विशेषज्ञों ने दिए सुझाव

शिविर में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को गन्ने की वैज्ञानिक खेती, कीट एवं रोग प्रबंधन, फसल सुरक्षा और आधुनिक कृषि तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही गन्ने के साथ दूसरी फसलें उगाने यानी इंटरक्रॉपिंग के फायदों पर भी प्रकाश डाला गया, जिससे किसान अतिरिक्त आय अर्जित कर सकें।

उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार का विशेष फोकस

सहायक गन्ना विकास अधिकारी डॉ. गुरचरण सिंह ने बताया कि पंजाब सरकार राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत प्रति हेक्टेयर गन्ने का उत्पादन बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि शरद ऋतु में गन्ने की बुवाई के दौरान प्रदर्शन प्लॉट तैयार किए जा रहे हैं, ताकि किसान नई तकनीकों को अपनाकर अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकें।

मिट्टी परीक्षण और संतुलित उर्वरक के उपयोग पर जोर

कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) नूरमहल की विशेषज्ञ डॉ. रचना गर्ग ने किसानों को नियमित रूप से मिट्टी की जांच कराने और संतुलित मात्रा में उर्वरकों का उपयोग करने की सलाह दी। वहीं, केवीके के निदेशक डॉ. संजीव कटारिया ने कहा कि वाइड स्पेसिंग तकनीक अपनाकर गन्ने की प्रति हेक्टेयर उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है।

कीट और बीमारियों से बचाव की दी जानकारी

कपूरथला स्थित गन्ना अनुसंधान केंद्र के कीट विशेषज्ञ डॉ. राजिंदर कुमार ने किसानों को गन्ने की फसल में लगने वाले प्रमुख कीटों और बीमारियों की पहचान तथा उनके प्रभावी नियंत्रण के उपाय बताए। उन्होंने समय पर निगरानी और वैज्ञानिक प्रबंधन को बेहतर उत्पादन की कुंजी बताया।

इंटरक्रॉपिंग से बढ़ेगी किसानों की आमदनी

कृषि विकास अधिकारी डॉ. सरबजीत कौर ने कहा कि गन्ने के साथ गेहूं, सरसों, आलू और विभिन्न सब्जियों की खेती कर किसान अपनी आय में बढ़ोतरी कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि मिश्रित खेती से न केवल आर्थिक लाभ मिलता है, बल्कि भूमि का बेहतर उपयोग भी सुनिश्चित होता है।

सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील

कार्यक्रम के दौरान किसानों को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने किसानों से अपील की कि वे आधुनिक तकनीकों को अपनाने के साथ-साथ सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाकर खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाएं।

📍 Location: फगवाड़ा (फगवाड़ा)

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