नई दिल्ली: कांग्रेस नेताओं ने मंगलवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के पास विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, केसी वेणुगोपाल समेत कई बड़े नेता शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
कांग्रेस का यह प्रदर्शन जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज के विरोध में किया गया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि छात्रों की आवाज दबाने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने कई कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया। इनमें कांग्रेस सांसद के. सुरेश, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी समेत कई अन्य नेता शामिल थे।
#WATCH | Delhi: Congress leaders including party president Mallikarjun Kharge, Lok Sabha LoP Rahul Gandhi, Priyanka Gandhi Vadra, KC Venugopal, Pawan Khera and others are holding a protest demanding the resignations of Prime Minister and Education Minister Dharmendra Pradhan. pic.twitter.com/bmWWpPNpOc
— ANI (@ANI) July 21, 2026
प्रदर्शन के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि वह छात्रों के साथ हुई कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब मांगने के लिए उनके आवास तक मार्च कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में जिम्मेदारी लेने से बच रही है और संसद में भी इस मुद्दे पर चर्चा नहीं कराना चाहती। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मामले में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को जवाब देना चाहिए। उन्होंने सरकार पर युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया और इस्तीफे की मांग की।
इससे पहले राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने दिल्ली के राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल पहुंचकर उन छात्रों से मुलाकात की, जो संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई में घायल हुए थे। दोनों नेताओं ने घायल छात्रों का हालचाल जाना और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने उस छात्रा के परिवार से भी मुलाकात की, जो गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि छात्रों के भविष्य को लेकर आवाज उठाने वालों पर पुलिस कार्रवाई की गई। पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले पर माफी मांगने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा देने की मांग की।
राहुल गांधी ने संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर छात्रों के मुद्दे पर संसद में चर्चा कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह देश के छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। राहुल गांधी ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि छात्रों के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। कांग्रेस लगातार मांग कर रही है कि सरकार इस पूरे मामले की जिम्मेदारी ले और छात्रों की समस्याओं पर संसद में चर्चा कराए।
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