
पंजाब डेस्क: शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने 24 जुलाई 2026 को श्री अकाल तख्त साहिब से निकाले जाने वाले ‘मीरी-पीरी खालसा मार्च’ में अधिक से अधिक संख्या में संगत से शामिल होने की अपील की है। उन्होंने एक प्रेस बयान जारी कर कहा कि यह मार्च सिख इतिहास, परंपराओं और गुरुओं के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण प्रयास है।
जत्थेदार के आह्वान पर निकाला जाएगा मार्च
धामी ने बताया कि श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज के निर्देशों के अनुसार यह धार्मिक मार्च आयोजित किया जा रहा है। यह नगर कीर्तन 24 जुलाई को श्री अकाल तख्त साहिब से आरंभ होकर 3 अगस्त को तख्त श्री दमदमा साहिब, तलवंडी साबो पहुंचेगा। मार्च के दौरान विभिन्न गांवों और शहरों में संगत को गुरुओं की शिक्षाओं, सिख मूल्यों और धार्मिक परंपराओं के प्रति जागरूक किया जाएगा।
मीरी-पीरी परंपरा का संदेश पहुंचाना है उद्देश्य
एसजीपीसी अध्यक्ष ने कहा कि ‘मीरी-पीरी’ की परंपरा सिख इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है। छठे गुरु श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी ने आध्यात्मिक और सांसारिक जिम्मेदारियों के प्रतीक के रूप में दो तलवारें धारण कर इस सिद्धांत की स्थापना की थी। यह मार्च उसी ऐतिहासिक विरासत और गुरु साहिब की शिक्षाओं को समाज तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा।
जिम्मेदारियां भी सौंपी गईं
धामी ने बताया कि मार्च को सफल बनाने के लिए एसजीपीसी ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। विभिन्न पदाधिकारियों और अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं ताकि पूरे आयोजन का संचालन व्यवस्थित ढंग से किया जा सके। उन्होंने संगत से अपील की कि वे बड़ी संख्या में इस धार्मिक यात्रा का हिस्सा बनें और गुरु साहिब के संदेश को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दें।
📍 Location: Amritsar (Amritsar)
मेष: दिन शुभ रहेगा...