चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने 21 जुलाई को मनीला में आसियान के महासचिव काओ किम होर्न से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि चीन हमेशा सभी देशों की समानता पर कायम रहता है और पड़ोसी देशों के प्रति मैत्रीपूर्ण कूटनीति अपनाता है।
वांग यी ने कहा कि वर्तमान वर्ष दक्षिण पूर्व एशिया में मैत्री व सहयोग संधि पर हस्ताक्षर करने की 50वीं वर्षगांठ है। चीन सबसे पहले इस संधि में शामिल होने वाला बड़ा देश है, जिस से अन्य बड़े देशों को इस में शामिल होने की प्रेरणा मिली। इससे आसियान के अंतरराष्ट्रीय स्थान की बड़ी उन्नति हुई। चीन आसियान समुदाय-निर्माण और आसियान के संयुक्त सशक्तिकरण का समर्थन जारी रखेगा।
वांग यी ने कहा कि दक्षिण चीन सागर क्षेत्रीय देशों का साझा घर है ।दक्षिण चीन सागर मुद्दे को चीन-आसियान सम्बंध में रुकावट नहीं होनी चाहिए। फिलिपींस के सेना और पुलिस की कुछ शक्तियों ने जानबूझ कर उकसावा देकर समुद्रीय घटना छेड़ी, जिसने बाहरी शक्ति के हित की सेवा की और चीन-फिलिपींस सम्बंध का सुधार और दक्षिण चीन सागर की शांति व स्थिरता बर्बाद की। क्षेत्रीय देशों को बड़ी सावधानी बरतनी चाहिए। चीन आसियान के साथ अवरोध दूर कर दक्षिण चीन सागर में व्यवहारों के नियम पर सलाह मशविरे में तेजी लाने और एक साथ शांतिपूर्ण, स्थिर, सहयोगी और मैत्रीपूर्ण दक्षिण चीन सागर की नई कहानी लिखने को तैयार है।
काओ किम होर्म ने आसियान-चीन सम्बंध और द्विपक्षीय व्यावहारिक सहयोग की उपलब्धियों का उच्च मूल्यांकन किया और चीन द्वारा क्षेत्रीय ढांचे में आसियान के केंद्रीय स्थान का समर्थन करने पर आभार व्यक्त किया। आसियान चीन के साथ रणनीतिक जुड़ाव मजबूत कर व्यावहारिक सहयोग गहराने और अधिक आदान-प्रदान करने की प्रतीक्षा करता है। आसियान दोहरे मार्ग के दृष्टिकोण और दक्षिण चीन सागर में व्यवहारों के नियम पर सलाह मशविरे में तेजी लाने का समर्थन करता है और दक्षिण चीन सागर का शांतिपूर्ण, सहयोगी और मैत्रीपूर्ण सागर बनने को बढ़ावा देगा। उसी दिन वांग यी ने कनाडा के विदेश मंत्री अनीता आनंद, आस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री पेनी वोंग और मलेशिया के विदेश मंत्री मोहम्मद हसन से भी मुलाकीत की।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
मेष: दिन शुभ रहेगा...