
जालंधर: मृतक दलित लड़की को इंसाफ दिलवाने के लिए आज बसपा की काल पर गांव व शहर से सैंकड़ों लोग हाथों में मोमबतीयां पकड़ मृतका के घर से पैदल मार्च निकालते हुए अंबेडकर चौंक तक रोष स्वरूप पहुंचे। जहां उन्होंने मृतक लड़की की तस्वीर को बाबा साहिब की प्रतिमा के नीचे रख उसे श्रद्धांजलि अपिृत करते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यवाई को जमकर कोसा। लोगों ने कहा जिस पुलिस पर इंसाफ दिलवाने की जिम्मेवारी हो वह ही इंसाफ दिलवाने की जगह आरोपीयों को बचाने में लग जाए तो फिर जनता को न्याय लेने के लिए सड़कों पर उतरना पड़ता है। दुसरी तरफ मृतक लड़की अनू को न्याय दिलवाने के लिए समाजसेवी मनदीप सिंह गोरा अपने साथीयों साहित हाथों में अखबार जिसमें लड़की की तस्वीर लगी थी एक हाथ में उसे पकड़ और दुसरे हाथ में मोमबती पकड़ कैंडल मार्च निकाला। लड़की को श्रद्धांजलि अपिृत करते गोरा ने कहा मृतक लड़की को न्याय दिलवाने के लिए फिल्लौर शहर और उसके साथ लगते सभी गांवों के लोग परिवार के साथ कंधे से कंधा मिला कर खड़े है। जिस तरह लड़की अनू को मारा गया ऐसे तो कल को कोई भी लड़की घर से काम पर जाने के लिए कई बार सोचेगी। सैंकड़ों लोगों ने एक सुर में सुर मिलाते हुए पुलिस प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा अगर पुलिस ने इस समें में अनू के परिवार को न्याय नहीं दिलवाया तो तय समय के बाद उन्हें अपना संघर्ष पंजाब स्तर पर छेड़ना पड़ा तो वह अब पीछे नहीं हटेंगे।
बसपा प्रदेश कमेटी के सदस्य खुशी राम ने इक्कठ को संबोधित करते हुए कहा कि फिल्लौर पुलिस की अब तक की कार्यप्रणाली पूरी तरह से संदेह के घेरे में है। 16 जुलाई को लड़की लुधियाना के होटल ओन जहां वह काम करती थी वहां से साढ़े 6 बजे घर को निकली है। उसके बाद 9 बजे उसकी लाश फिल्लौर बस स्टैंड के नजदीक रेलवे लाईनों के पास रहस्यमई हालातों में पड़ी मिली। लड़की का पूरा बदन और उसके कपड़े बिल्कुल ठीक थे केवल उसका चेहरा पहचान छुपाने के लिए किर्सी इंट पत्थर से खत्म कर दिया गया था। घटना घटित हुए आज पूरे 6 दिन बीत गए पुलिस रोजाना मृतक लउ़की के परिवार के सदस्यों को कभी पुलिस थाने तो कभी डी.एस.पी. दफतर बुला कर उन्हें खजल कर रही है। खुशी राम ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा जब तक पुलिस हत्यारों को पकड़ नहीं लेती और दुसरा उनके विरूद्ध मुक्दमा नहीं दर्ज कर लेती तब तक आज से कोई भी परिवार का सदस्य किसी भी पुलिस अधिकारी के पास नहीं जाएगा। लड़की को न्याय दिलवाने के लिए उन्हें इस से बढ़ा भी संघर्ष करना पड़ा तो वह पीछे नहीं हटेंगे।
मृतक लड़की अनू के पिता बूटा राम ने रोते हुए कहा कि वह शुरू से सुनते आए है कानुन अंधा होता है उनकी नौजवान बेटी के साथ जब घटना घटित हुई तो फिल्लौर पुलिस ने जैसा व्यवहार किया उस से पता चला कि वाक्य ही कानुन अंधा है। उन्होंने कहा खुद डी.एस.पी. भरत मसीह ने उन्हें अपने दफतर बुला कर कहा कि उनकी मृतक लड़की अनू 23 लुधियाना के जिस ओन होटल में काम करती थी वहां के सेल्ज मैनेजर अकाशदीप केे वह संपर्क में थी। वह उनकी लड़की के चरित्र पर अंगुली खड़ी कर उन्हें चुप करवाना चाहते थे आज जब सैंकड़ों लोग उनकी बेटी को न्याय दिलवाने के लिए उनके घर पहुंच गए वह अब चुप बैठने वालों में नहीं।
आज समाजसेवी मनदीप सिंह गोरा और उनके साथीयों ने मृतक दलित लड़की अनू 23 को इंसाफ दिलवाने के लिए अपने हाथों में अखबारों में लगी लड़की की तस्वीर पकड़ शहर में कैंडल मार्च निकाला और उसे श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि बड़े ही दुख की बात है लड़की अनू के हत्यारे उसका बेरहमी से कत्ल कर पिछले 6 दिन से खुले में घुम रहे है। अगर पुलिस मृतक लड़की और उसके परिवार को इंसाफ दिलवा देती तो आज सैंकड़ों लोगों को सड़कों पर ना उतरना पड़ता। स्थानीय पुलिस प्रशासन के लिए यह बेहद शर्म की बात है गोरा ने कहा गांव व शहर की अन्य लड़कीयों जो पढ़ लिख कर दुसरे शहरों में रोजगार के चक्कर में काम करने जाती है उन्हें और उनके परिवार वालों को भी अपनी बेटीयों की सुरक्षा को लेकर चिंता सताने लग पड़ी है कल को कहीं उनके साथ भी अनू जैसी घटना घटित ना हो जाए।
अंबेडकर चौंक में श्रद्धांजलि अपिृत करते हुए सैंकड़ों लोगों ने बसपा नेता खुशी राम के साथ सुर में सुर मिलते हुए पंजाब सरकार से मांग की है कि मृतक अनू दलित परिवार की लड़की थी जिसके पिता ने कड़ी मेहनत कर उसे पढ़ाया लिखाया और होटल मैंनेजमेंट का कोर्स करवाया। आज जब लड़की अपने पैरों पर खड़ी हुई तो हत्यारों ने उसे मौत के घाट उतार दिया। लोगों ने मांग की कि परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
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