Last Updated: September 20, 2026

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डब्ल्यूएआईसी 2026 का हासिल यानी अब रोबोट के प्रदर्शन नहीं, काम पर जोर

July 23, 2026

डब्ल्यूएआईसी 2026 का हासिल यानी अब रोबोट के प्रदर्शन नहीं, काम पर जोर

द वर्ल्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कांफ्रेंस यानी डब्ल्यूएआईसी 2026 का सफल समापन हो चुका है। रिकॉर्ड कंपनियों और भागीदारों की भागीदारी के चलते यह कांफ्रेंस बहुत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसमें दुनियाभर की 1,100 से ज़्यादा कंपनियों ने हिस्सा लिया। इस बार यह कार्यक्रम एक लाख वर्ग मीटर में हुआ, जिसमें तीन हजार से ज़्यादा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी चीज़ें प्रदर्शित की गईं। इस लिहाज से भी यह ऐतिहासिक कार्यक्रम रहा। अब तक का सबसे बड़ा आयोजन, सिर्फ़ इसलिए नहीं रहा कि इसमें बड़े पैमाने पर कंपनियों ने हिस्सा लिया, बल्कि अब तक के आयोजनों की तुलना में इस बार कहीं ज्यादा परिवर्धित कंटेंट भी नजर आया। कंटेंट में इस बार काफी क्रांतिकारी और बुनियादी बदलाव नजर आया। छह दिनों तक चले इस महाआयोजन से चीन की AI इंडस्ट्री में आ रहे परिवर्तन और विकास की गाथा का पता चलता है। इससे पता चलता है कि किस कदर चीन की कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में ना सिर्फ अपनी जोरदार उपस्थिति दर्ज करा रही हैं, बल्कि इसे और ज्यादा परिवर्धित तरीके से पेश कर रही हैं।

इस आयोजन में सबसे मज़बूत मॉडल भले ही Kimi K3 रहा, जिसका ओपन सोर्स 2.8 ट्रिलियन पैरामीटर रहा। लेकिन इस कांफ्रेंस में सबसे ज्यादा चर्चा बड़े मॉडलों की बजाय एआई इंडस्ट्री के विकास, टैलेंट के इकोसिस्टम और कंप्यूटिंग पावर पर हुई। इस बार   इस कांफ्रेंस में दो सौ सत्र हुए, लेकिन सबसे ज़्यादा इन्हीं विषयों की हुई, बड़े मॉडलों की नहीं। जब मॉडल्स पर चर्चा भी हुई, तो सवाल बेंचमार्क रैंकिंग से हटकर इस बात पर केंद्रित हो गई कि एआई मॉडल असल प्रोडक्शन सिस्टम में कैसे काम करते हैं। इस कांफ्रेंस से पता चला कि अब मुक़ाबला मॉडल की क्षमता की बजाय सिस्टम की दक्षता, प्रोडक्ट के अनुभव और इंडस्ट्रियल डिप्लॉयमेंट पर केंद्रित हो चुका है।

अब तक के आयोजनों के प्रमुख आकर्षण रोबोट्स रहे हैं। जो अक्सर करतब दिखाते नजर आते थे। लेकिन इस बार यह प्रचलन कम दिखा, बल्कि इस बार रोबोट काम करते हुए दिखे। यह बड़ा बदलाव माना जा रहा है। इस बार के आयोजन में रोबोट के प्रदर्शन में उनके नृत्य या कलाबाज़ी की बजाय असल इंडस्ट्रियल कामों पर ज़्यादा ज़ोर दिखा। आयोजन की प्रदर्शनी हॉल में भागीदार कंपनियों ने अपनी पूरी प्रोडक्शन लाइन का प्रदर्शन किया। जिसमें असेंबली, सॉर्टिंग और क्वालिटी इंस्पेक्शन भी साफ नजर आया। इसके साथ ही घरेलू माहौल वाले प्रदर्शन में रोबोट्स को लिविंग रूम को व्यवस्थित करने जैसे लंबे समय तक चलने वाले निर्देशों को भी उनकी प्रोड्क्शन कंपनियां समझातीं नजर आईं। यह बदलाव इस व्यापक समझ को दर्शाता है कि एक काम पूरा करने और असल माहौल में भरोसेमंद ढंग से काम करने के बीच का अंतर कितना चुनौतीपूर्ण है। असल में एम्बॉडेड इंटेलिजेंसयानी शरीर वाले इंटेलिजेंस के लिए इंजीनियरिंग अब भी मुख्य चुनौती बनी हुई है।

इस आयोजन से पता चलता है कि चीन का घरेलू कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर अहम मोड़ पर पहुँच गया है। आयोजन के इंफ्रास्ट्रक्चर हॉल में सुपरनोड कैबिनेट का दबदबा पूरे समय बना रहा। इसमें हर बड़ी घरेलू चिप कंपनी ने क्लस्टर-लेवल के सॉल्यूशन पेश किए। जिनकी ओर दुनिया आकर्षित भी दिखी। इस दौरान Huawei Atlas 950, Sugon Dawn 8000 और Dongfang Suanxin DF1000 जैसे एआई के जरिए दिखाया गया कि अब चर्चा भिन्न-भिन्न चिप की विशेषताओं से हटकर सिस्टम-लेवल की कंप्यूटिंग दक्षता पर केंद्रित हो गई है। एआई की राह में कभी इकोसिस्टम कम्पैटिबिलिटी की जिस बाधा के चलते चीन का घरेलू चिप्स उद्योग पीछे रहता था, वह अब कम हो गया। 

डब्ल्यूएआईसी –2026 में साफ नजर आया कि अब डेटा के लिए एआई का अगला बड़ा वर्ल्ड मॉडल्ससामने आ चुका है। यानी ऐसी तकनीक विकसित की जा चुकी है। जिसके जरिए सामान्य फ़ोन से लेकर चश्मे और ईयरबड्स तक का विस्तार हो रहा है। जिसे तकनीकी तौर पर एजेंट-नेटिव कंज्यूमर टर्मिनलके रूप में जाना जाता है। यानी इसका भी विस्तार हो रहा है। इसके साथ ही चीन के AI का ग्लोबलाइज़ेशन भी हो रहा है। इससे स्पष्ट है कि अमेरिकी चिप्स और एआई को चीन की बड़ी चुनौती मिल रही है। इस आयोजन में 10 से ज़्यादा अंतरराष्ट्रीय संगठनों के 1,400 मेहमानों का उपस्थित रहना एक तरह से इस आयोजन में अंतरराष्ट्रीय भागीदारी के नए स्तर पर पहुँचने का प्रतीक है। इस लिहाज से कह सकते हैं कि यह कॉन्फ्रेंस अब सिर्फ़ एआई प्रोडक्ट्स की नुमाइश करने वाली जगह ही नहीं रहा। इससे आगे बढ़कर यह एक ऐसा कोऑर्डिनेशन सिस्टम बन गया है, जो वैज्ञानिकों, मॉडल कंपनियों, चिप उत्पादकों , रोबोट बनाने वालों, निवेशकों और पॉलिसी बनाने वालों को एक मंच पर लाता है। जिससे दुनिया भी आकर्षित हो रही है और दुनिया में एआई का नया बाजार भी बन रहा है।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)  (लेखक— उमेश चतुर्वेदी)

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