
नई दिल्लीः पेपर लीक मामले को लेकर आंदोलन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने आज पूरे देश में बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। पार्टी का कहना है कि वह देश के हर जिले में विरोध प्रदर्शन करेगी। इस अभियान का नारा “हर जिला, एक दिन, एक मांग” रखा गया है। पार्टी ने छात्रों, युवाओं और आम लोगों से बड़ी संख्या में इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। CJP का कहना है कि यह प्रदर्शन केवल पेपर लीक के खिलाफ नहीं, बल्कि उन छात्रों के समर्थन में भी है जो इस मुद्दे को लेकर आवाज उठा रहे हैं। साथ ही हाल के प्रदर्शनों के दौरान जिन लोगों के साथ पुलिस द्वारा कथित तौर पर सख्ती की गई, उनके प्रति एकजुटता भी दिखाई जाएगी।
छात्र और सामाजिक संगठनों से जुड़ने की अपील
CJP ने अपने पोस्टर और संदेश के जरिए सभी छात्र संगठनों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से इस आंदोलन का हिस्सा बनने की अपील की है। पार्टी ने कहा है कि सभी प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से किए जाएं और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाई जाए।
आज सरकार और CJP नेताओं के बीच होगी अहम बैठक
आंदोलन के बीच शुक्रवार दोपहर 12:30 बजे दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में सरकार और CJP नेताओं के बीच बातचीत होगी। सूत्रों के अनुसार, सरकार इस बैठक में CJP से आंदोलन खत्म करने की अपील कर सकती है। इसके अलावा सरकार अपनी ओर से एक लिखित प्रस्ताव भी सौंप सकती है, जिसमें आगे की कार्रवाई और समाधान का रोडमैप हो सकता है।
CJP अपनी मांगों पर कायम
हालांकि, बातचीत की संभावना के बावजूद CJP ने साफ कर दिया है कि वह अपनी मुख्य मांगों से पीछे नहीं हटेगी। पार्टी का कहना है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इससे पहले सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सरकार का प्रस्ताव मिलने के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया था, लेकिन CJP का कहना है कि उसका आंदोलन अभी खत्म नहीं होगा।
पेपर लीक रोकने के लिए नया कानून लाने की तैयारी
सरकार पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए एक नया और सख्त कानून बनाने की तैयारी कर रही है। जानकारी के अनुसार, यह कानून केवल परीक्षा से जुड़े अपराधों पर केंद्रित होगा। यानी परीक्षा में गड़बड़ी, पेपर लीक, नकल माफिया और परीक्षा में धोखाधड़ी जैसे मामलों के लिए अलग कानूनी व्यवस्था बनाई जाएगी।
नए कानून में क्या हो सकती हैं खास बातें?
सरकार के प्रस्तावित कानून में कई बड़े बदलाव किए जा सकते हैं।
-परीक्षा से जुड़े अपराधों के लिए अलग कानून बनाया जाएगा।
-इन मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालत (स्पेशल कोर्ट) बनाई जा सकती है।
-अभी पेपर लीक करने वालों पर अक्सर धोखाधड़ी जैसी सामान्य धाराएं लगती हैं, जिनमें आसानी से जमानत मिल जाती है।
-नए कानून में जमानत के नियम काफी सख्त किए जा सकते हैं।
-सरकार ऐसे प्रावधान ला सकती है, जिनसे पेपर लीक के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो और वे जल्दी जेल से बाहर न आ सकें।
-इसका उद्देश्य पेपर लीक माफिया पर प्रभावी तरीके से रोक लगाना है।
आज मोदी कैबिनेट में पेश हो सकता है बिल
पेपर लीक से जुड़े नए कानून का मसौदा शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल (मोदी कैबिनेट) की बैठक में पेश किया जाएगा। यदि कैबिनेट इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो आगे इसे संसद में पेश किया जा सकता है। इसी दिन सरकार के प्रतिनिधि CJP नेताओं से भी बातचीत करेंगे। इस बैठक में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के शामिल होने की संभावना है।
पिछले 24 घंटे में सरकार ने उठाए कई बड़े कदम
पेपर लीक मामले को लेकर सरकार ने पिछले 24 घंटों में कई अहम फैसले लिए हैं।
-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामलों की तेजी से सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का निर्देश दिया।
-सरकार ने CJP नेताओं को चार बार बातचीत के लिए बुलाया।
-शिक्षा सचिव विनीत जोशी का तबादला किया गया।
-नरेश पाल गंगवार को शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया।
-पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की अधिसूचना जारी की गई।
-दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का फैसला लिया गया।
पीएम ने छात्रों के नाम एक वीडियो संदेश जारी किया
प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों के नाम एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पेपर लीक के दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी। प्रधानमंत्री ने पेपर लीक रोकने के लिए नया कानून लाने की घोषणा की। नए कानून का प्रस्ताव कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। सरकार ने सोनम वांगचुक को लिखित प्रस्ताव सौंपा। इसके बाद सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया।
आगे क्या होगा?
अब सभी की नजरें दो अहम घटनाओं पर टिकी हैं। पहली, सरकार और CJP नेताओं के बीच होने वाली बातचीत से कोई समाधान निकलता है या नहीं। दूसरी, मोदी कैबिनेट पेपर लीक पर प्रस्तावित नए कानून को मंजूरी देती है या नहीं। यदि बातचीत सफल नहीं होती है, तो CJP ने साफ कर दिया है कि उसका देशव्यापी प्रदर्शन पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगा।
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