Last Updated: October 24, 2026

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‘धर्मेंद्र प्रधान को हटाने से पहले नहीं होगी कोई चर्चा’, राहुल गांधी ने छात्रों की तीन मांगें गिनाईं

July 24, 2026

‘धर्मेंद्र प्रधान को हटाने से पहले नहीं होगी कोई चर्चा’, राहुल गांधी ने छात्रों की तीन मांगें गिनाईं

नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि विपक्ष पेपर लीक मामले पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन किसी भी बातचीत या चर्चा से पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से हटाया जाना चाहिए। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी सांसदों को इस मुद्दे पर चर्चा के लिए बुलाया था। हालांकि, जब उन्होंने अपनी बात रखने की कोशिश की तो उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया गया और उनका माइक बंद कर दिया गया।

राहुल गांधी ने कहा कि संसद की सामान्य परंपरा के अनुसार यदि किसी सदस्य का नाम लिया जाता है, तो उसे जवाब देने का अवसर दिया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें यह मौका नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों की तीन प्रमुख मांगें हैं और जब तक इन मांगों पर सरकार कार्रवाई नहीं करती, तब तक विपक्ष किसी भी चर्चा में हिस्सा नहीं लेगा।

राहुल गांधी के अनुसार छात्रों की तीन मुख्य मांगें हैं:

1. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से हटाया जाए।
2. छात्रों पर हमला करने और उनके साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
3. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।

राहुल गांधी ने दोहराया कि धर्मेंद्र प्रधान को हटाए बिना विपक्ष न तो किसी बैठक में शामिल होगा और न ही संसद में इस मुद्दे पर चर्चा करेगा। इस बीच, कांग्रेस सांसद कार्ति पी. चिदंबरम ने पेपर लीक मामलों के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित फास्ट-ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह कदम केवल घटना के बाद की कार्रवाई है और इससे भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को नहीं रोका जा सकेगा।

उन्होंने सरकार से पूछा कि परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने और प्रश्नपत्र लीक होने से रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल जल्द ही एक मसौदा विधेयक (ड्राफ्ट बिल) पर विचार करेगा। इस प्रस्ताव में पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने और दोषियों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान करने की बात कही गई है।

दोषियों को सजा देना जरूरी- चिदंबरम 

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने कहा कि दोषियों को सजा देना जरूरी है, लेकिन यह केवल घटना के बाद उठाया गया कदम है। उनका कहना है कि असली चुनौती पेपर लीक को पहले ही रोकने की है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि परीक्षा प्रणाली में बार-बार हो रहे लीक को रोकने के लिए उसकी दीर्घकालिक रणनीति क्या है।

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