
अमृतसर। पंजाब सरकार के निर्देशों के तहत तरनतारन जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में कम्युनिटी बेस्ड इवेंट (CBE) दिवस मनाया। इस दौरान ‘नशा-मुक्त पंजाब’ अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं, किशोरों और आम लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया तथा स्वस्थ और नशा-मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प दिलाया गया।
इस अवसर पर आंगनवाड़ी केंद्रों में गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं, किशोरों और आम जनता के साथ जागरूकता सत्र आयोजित किए गए। उन्हें नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान के बारे में जानकारी दी गई और अपने परिवारों व बच्चों को नशे से दूर रखने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने नशाखोरी के खिलाफ शपथ भी दिलाई और वहां मौजूद लोगों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने, बच्चों में अच्छे संस्कार डालने और नशा-मुक्त समाज बनाने में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा, पोषण, बच्चों की शुरुआती शिक्षा और मां-बच्चे के स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी भी साझा की गई।
जिला कार्यक्रम अधिकारी अनुप्रिया सिंह ने कहा कि नशे के खिलाफ जागरूकता पैदा करना समय की मुख्य मांग है। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और ऐसी जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से लोगों को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने सभी लोगों से पंजाब सरकार के ‘नशा-मुक्त पंजाब’ अभियान से जुड़ने और नशा-मुक्त व समृद्ध पंजाब के निर्माण में योगदान देने की अपील की।
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