मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पंजाब में 2,800 नए राशन डिपो के लिए लाइसेंस जारी किए हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) स्थित विकास भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान चयनित डिपो संचालकों को लाइसेंस सौंपे। इस कार्यक्रम में पंजाब के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक सहित राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
पंजाब सरकार के अनुसार, नए राशन डिपो शुरू होने से करीब 5.5 लाख राशन कार्डधारकों को सीधा लाभ मिलेगा। खास तौर पर उन लोगों को राहत मिलेगी, जिन्हें अब तक राशन लेने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी या अपने कामकाज से समय निकालकर राशन डिपो तक जाना पड़ता था। नए डिपो खुलने से लोगों को उनके घर के नजदीक ही राशन उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राशन डिपो संचालक सरकार और आम लोगों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। उन्होंने सभी डिपो धारकों से ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ काम करने की अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक पात्र परिवार को उसका पूरा और निर्धारित राशन बिना किसी भेदभाव या परेशानी के मिलना चाहिए।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विशेष रूप से बुजुर्गों, दिव्यांग लोगों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की जरूरतों का ध्यान रखने के निर्देश दिए। यदि कोई दिव्यांग व्यक्ति राशन डिपो तक नहीं पहुंच सकता, तो उसकी सहायता सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि वह सरकारी योजना का पूरा लाभ प्राप्त कर सके।
पंजाब सरकार के अनुसार, सभी 2,800 लाइसेंस साक्षात्कार आधारित चयन प्रक्रिया के माध्यम से दिए गए हैं। चयन में सामाजिक समावेशिता का ध्यान रखा गया है। जारी किए गए लाइसेंसों में 633 अनुसूचित जाति (एससी), 199 अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आवेदकों को आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा 181 लाइसेंस पूर्व सैनिकों, 39 स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों, 156 दिव्यांग व्यक्तियों और 17 दंगा प्रभावित परिवारों को दिए गए हैं। पंजाब सरकार का कहना है कि चयन प्रक्रिया में विभिन्न वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया गया है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह पहल केवल राशन वितरण व्यवस्था को मजबूत करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे हजारों परिवारों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी पैदा होंगे। राशन डिपो का संचालन केवल कमाई का जरिया नहीं, बल्कि समाज और जरूरतमंद लोगों के प्रति एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी है। राज्य सरकार का लक्ष्य गांवों और शहरों में पर्याप्त संख्या में राशन डिपो स्थापित करना है, ताकि लोगों को आवश्यक खाद्य सामग्री अपने घर के पास ही आसानी से उपलब्ध हो सके और किसी को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब में चल रही खाद्य सुरक्षा योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि स्मार्ट राशन कार्ड योजना के तहत पंजाब के करीब 40 लाख परिवारों को मुफ्त गेहूं और राशन किट उपलब्ध कराई जा रही हैं। ‘मेरी रसोई’ किट में दालों, मसालों और घरेलू उपयोग की अन्य जरूरी खाद्य सामग्री शामिल की जाती है, जिससे जरूरतमंद परिवारों को अतिरिक्त सहायता मिलती है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अधिकारियों और सभी नए राशन डिपो संचालकों को निर्देश दिए कि राशन वितरण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र लाभार्थी को उसके अधिकार का राशन मिलने से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही लोगों की शिकायतों का समय पर समाधान सुनिश्चित किया जाए।
पंजाब सरकार का मानना है कि नए राशन डिपो शुरू होने से सार्वजनिक वितरण प्रणाली की पहुंच अंतिम व्यक्ति तक और बेहतर होगी। हालांकि इस व्यवस्था की सफलता इस बात पर भी निर्भर करेगी कि डिपो तक समय पर खाद्यान्न पहुंचे, वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी हो और लाभार्थियों के लिए प्रभावी शिकायत निवारण प्रणाली उपलब्ध रहे।
मेष: दिन शुभ रहेगा...