नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने कोयला ब्लॉक आबंटन मामले में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खिलाफ जारी आपराधिक मामला बंद कर दिया और उन्हें आरोपी के रूप में तलब करने वाले आदेश रद्द कर दिए। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने सीबीआई की उस ‘क्लोजर रिपोर्ट’ को स्वीकार कर लिया, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री सिंह और अन्य को क्लीन चिट दी गई थी। शीर्ष कोर्ट ने कहा कि अधीनस्थ अदालत के जज के पास सीबीआई की ‘क्लोजर रिपोर्ट’ को खारिज कर संज्ञान लेने का कोई कारण नहीं था।
पीठ ने कहा, अपीलकर्त्ता के दुर्भाग्यपूर्ण निधन के कारण यह अपील निष्फल मानकर समाप्त की जा सकती थी लेकिन विशेष न्यायाधीश द्वारा संज्ञान लेने और अपीलकर्त्ता को तलब करने के पहलू पर विचार करने के लिए हमने सीबीआई द्वारा दाखिल दोनों क्लोजर रिपोर्टों का अध्ययन किया। कोर्ट ने कहा, जांच एजैंसी की रिपोर्ट स्वीकार करने के संबंध में इस अदालत द्वारा लगातार तय किए गए मानकों को ध्यान में रखते हुए हम संतुष्ट हैं कि विशेष न्यायाधीश के पास सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को अस्वीकार कर संज्ञान लेने का कोई कारण नहीं था।
हम अपील स्वीकार करते हैं और विवादित आदेश को रद्द करते हैं। परिणामस्वरूप, हम सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार करते हुए मामले को बंद करते हैं। वर्ष 2005 में ओडिशा के तालाबीरा-II कोयला ब्लॉक आबंटन से संबंधित कथित कोयला घोटाले में एक विशेष अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला, पूर्व कोयला सचिव पी. सी. पारेख और तीन अन्य लोगों को आरोपी के रूप में तलब किया था। हालांकि, कोर्ट ने इस आदेश में हस्तक्षेप करते हुए इस पर रोक लगा दी थी।
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