Last Updated: September 23, 2026

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सुक्खू सरकार की कामकाजी माताओं के लिए बड़ी पहल, आंगनबाड़ी-सह-क्रेच केंद्रों से बच्चों को सुरक्षित बचपन

July 30, 2026

सुक्खू सरकार की कामकाजी माताओं के लिए बड़ी पहल, आंगनबाड़ी-सह-क्रेच केंद्रों से बच्चों को सुरक्षित बचपन

मंडी: छोटे बच्चों की देखभाल की चिंता अकसर कामकाजी महिलाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती होती है। इसी चुनौती का समाधान प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा मिशन शक्ति के अंतर्गत संचालित पालना योजना के माध्यम से किया जा रहा है। इस योजना के तहत स्थापित आंगनबाड़ी-सह-क्रेच केंद्र न केवल छोटे बच्चों को सुरक्षित, पोषणयुक्त और स्नेहपूर्ण वातावरण उपलब्ध करा रहे हैं, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और निश्चिंत होकर रोजगार, स्वरोजगार, शिक्षा एवं अन्य कार्यों से जुड़ने का अवसर भी प्रदान कर रहे हैं।

बाल विकास परियोजना मंडी-सदर के अंतर्गत संचालित आंगनबाड़ी-सह-क्रेच केंद्र दरमियाना इस जनहितकारी पहल का उत्कृष्ट उदाहरण है। यहां वर्तमान में 24 बच्चों की प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक देखभाल की जा रही है। छह माह से छह वर्ष तक के बच्चों को यहां पौष्टिक भोजन, सुरक्षित वातावरण, आराम, खेल-खेल में शिक्षा और नियमित स्वास्थ्य निगरानी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

माताओं की चिंता हुई दूर

बिलासपुर जिले के बंदला की रहने वाली छायावंती, जो अपने पति के साथ मंडी में मेहनत-मजदूरी करती हैं, बताती हैं कि पहले काम पर जाते समय बच्चों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता रहती थी। कई बार मजबूरी में बच्चों को कमरे में बंद करके जाना पड़ता था। क्रेच खुलने के बाद अब वे दोनों बच्चों को सुबह केंद्र में छोड़कर निश्चिंत होकर काम पर जाती हैं और शाम को वापस घर ले आती हैं।

उनके अनुसार बच्चों को यहां भोजन, आराम और खेल-खेल में शिक्षा की बेहतर सुविधा मिल रही है। मंडी निवासी सुजाता वालिया बताती हैं कि दो वर्षीय बेटी की देखभाल को लेकर वे हमेशा चिंतित रहती थीं। क्रेच शुरू होने के बाद अब वे बेटी को सुबह केंद्र में छोड़कर नौकरी पर जाती हैं। यहां बच्चों को समय पर भोजन, दूध, सुरक्षित वातावरण और सीखने का अवसर मिलता है, जिससे वे पूरी निश्चिंतता से अपना कार्य कर पा रही हैं।

वंदना ठाकुर का कहना है कि पहले बेटी की देखभाल के कारण पढ़ाई और नौकरी प्रभावित होती थी। अब क्रेच केंद्र की सुविधा मिलने से वे पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और नौकरी पर पूरा ध्यान दे पा रही हैं।
सैलून का कार्य कर रही रेनू ठाकुर बताती हैं कि अब वे पूरे विश्वास के साथ अपने बच्चे को केंद्र में छोड़कर दिनभर अपना काम कर पाती हैं क्योंकि उन्हें पता है कि उनका बच्चा सुरक्षित हाथों में है।

बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मीनाक्षी बताती हैं कि पहले केंद्र में केवल तीन से छह वर्ष तक के बच्चे आते थे, लेकिन पालना योजना के तहत अब छह माह से छह वर्ष तक के बच्चों को भी सुविधा दी जा रही है। वर्तमान में क्रेच केंद्र में 24 तथा आंगनवाड़ी केंद्र में 11 बच्चे हैं। आंगनवाड़ी की ओर से दोपहर का भोजन उपलब्ध कराया जाता है, जबकि सुबह का नाश्ता, फल और शाम के स्नैक्स भी दिए जाते हैं।
क्रेच की कार्यकर्ता पूर्णिमा राणा के अनुसार बच्चों को रंग-बिरंगे और सुरक्षित शैक्षणिक खिलौनों के माध्यम से खेल-खेल में सीखने का अवसर दिया जाता है। प्रत्येक माह बच्चों का वजन और लंबाई मापकर उनके शारीरिक विकास की निगरानी भी की जाती है। सहायिका फुलमु देवी बताती हैं कि केंद्र में आने वाले सभी बच्चों की हर जरूरत का पूरा ध्यान रखा जाता है।

जिले में 10 केंद्र संचालित, 12 नए केंद्रों का प्रस्ताव

जिला कार्यक्रम अधिकारी (महिला एवं बाल विकास) अजय बद्रेल ने बताया कि जिला मंडी में मिशन शक्ति के अंतर्गत पालना योजना के तहत वर्तमान में 10 आंगनबाड़ी-सह-क्रेच केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इनमें मंडी सदर में चार, सुंदरनगर में तीन तथा रिवालसर, द्रंग और सरकाघाट (गोपालपुर) में एक-एक केंद्र शामिल हैं। सभी केंद्रों में आवश्यक स्टाफ की नियुक्ति की जा चुकी है। विभाग ने सरकार को 12 नए क्रेच केंद्रों का प्रस्ताव भी भेजा है, ताकि अधिक से अधिक कामकाजी महिलाओं को इस सुविधा का लाभ मिल सके।

महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में शुरू की गई पालना योजना महिलाओं और बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। यह योजना केवल बच्चों की देखभाल तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने, रोजगार से जोड़ने और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने का भी प्रभावी माध्यम बन रही है। सुरक्षित वातावरण, पौष्टिक आहार, प्रारंभिक शिक्षा और माताओं को चिंता से मुक्ति—इन सभी पहलुओं ने आंगनबाड़ी-सह-क्रेच केंद्रों को महिला सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार की एक दूरदर्शी और जनहितकारी पहल के रूप में स्थापित किया है। मंडी जिले में इन केंद्रों के प्रति बढ़ता विश्वास इस योजना की सफलता की स्पष्ट तस्वीर प्रस्तुत करता है।

📍 Location: कुल्लू (Kullu)

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