Last Updated: September 22, 2026

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अमृतसर के ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश और DLSA के चेयरपर्सन ने सेंट्रल जेल का औचक किया निरीक्षण

July 30, 2026

अमृतसर के ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश और DLSA के चेयरपर्सन ने सेंट्रल जेल का औचक किया निरीक्षण

पंजाब डेस्क: अमृतसर की जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) की चेयरपर्सन जस्टिस जतिंदर कौर ने गुरुवार को सेंट्रल जेल अमृतसर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं डीएलएसए के सचिव अमरदीप सिंह बैंस भी मौजूद रहे। निरीक्षण का उद्देश्य जेल में बंद कैदियों और विचाराधीन बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और रहने की परिस्थितियों का मूल्यांकन करना था।

कैदियों से की सीधी बातचीत

निरीक्षण के दौरान न्यायाधीश ने विभिन्न बैरकों का दौरा कर कैदियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने उनके न्यायिक मामलों, कानूनी सहायता, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य समस्याओं के बारे में जानकारी ली। कैदियों द्वारा उठाई गई शिकायतों और सुझावों को गंभीरता से सुना गया तथा आवश्यक मामलों में संबंधित अधिकारियों को उचित निर्देश दिए गए।

रसोई और भोजन की गुणवत्ता की जांच

दौरे के दौरान जेल के लंगर हॉल (रसोई) का भी निरीक्षण किया गया। कैदियों के लिए तैयार किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और पोषण स्तर की जांच की गई। जेल प्रशासन को निर्देश दिए गए कि सभी बंदियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप साफ-सुथरा, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए।

स्वास्थ्य सुविधाओं की भी समीक्षा

जेल में तैनात मेडिकल अधिकारी से कैदियों की स्वास्थ्य स्थिति और चिकित्सा सेवाओं की जानकारी ली गई। न्यायाधीश ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि प्रत्येक कैदी को समय पर आवश्यक चिकित्सा सुविधा और स्वास्थ्य देखभाल उपलब्ध हो।

हाई सिक्योरिटी सेल का भी किया निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान हाई सिक्योरिटी सेल का भी दौरा किया गया, जहां उच्च जोखिम वाले कैदियों को रखा जाता है। न्यायाधीश ने वहां बंद कैदियों से मुलाकात कर उनके मामलों की स्थिति जानी और यह भी पूछा कि उन्हें किसी प्रकार की कानूनी या अन्य प्रशासनिक परेशानी तो नहीं है।

कैदियों के अधिकारों की सुरक्षा पर दिया जोर

जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि प्रत्येक कैदी के स्वास्थ्य, सम्मान, कानूनी अधिकारों और बुनियादी सुविधाओं की रक्षा करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी बंदियों को कानून के अनुसार आवश्यक सुविधाएं और सहायता उपलब्ध कराई जाए।

मानवीय व्यवहार और मुफ्त कानूनी सहायता पर फोकस

यह औचक निरीक्षण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की उस सतत पहल का हिस्सा था, जिसके तहत जेलों में बंद व्यक्तियों को न्याय तक आसान पहुंच, निःशुल्क कानूनी सहायता और मानवीय व्यवहार सुनिश्चित करने के साथ-साथ उनकी समस्याओं के समयबद्ध समाधान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

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