नई दिल्लीः दिल्ली के वर्ष 2020 के दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने इस मामले में दोषी पाए गए पांच लोगों ताहिर हुसैन, नजीम, कासिम, अनस और जावेद को उम्रकैद की सजा दी है। सजा सुनाते समय अदालत ने कहा कि यह हत्या बेहद क्रूर और अमानवीय तरीके से की गई थी। अदालत के अनुसार, आरोपियों ने न केवल अंकित शर्मा पर बेरहमी से हमला किया, बल्कि उनकी मौत के बाद भी उनके शव के साथ अमानवीय व्यवहार किया। शव को घसीटते हुए चांद बाग इलाके तक ले जाया गया और फिर उसे नाले में फेंक दिया गया।
#WATCH | दिल्ली: कड़कड़डूमा कोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में AAP के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को उम्रकैद की सज़ा सुनाई है।
ताहिर हुसैन के वकील तारा नरूला ने कहा, “कोर्ट ने मुख्य रूप से यह देखा कि भले ही यह एक गंभीर… pic.twitter.com/xyh15TaxX7
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 31, 2026
कोर्ट ने बताया अपराध को बेहद गंभीर
एडिशनल सेशन जज प्रवीण सिंह ने कहा कि अंकित शर्मा की हत्या बहुत ही निर्ममता से की गई। उन्होंने कहा कि जिस तरह से उनके साथ हिंसा की गई और बाद में शव को छोड़ दिया गया, वह किसी भी सभ्य समाज को झकझोर देने वाली घटना है। कोर्ट ने कहा कि यह केवल एक हत्या का मामला नहीं था, बल्कि ऐसा अपराध था जिसने पूरे समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया। अदालत ने माना कि इस तरह की हिंसा कानून और समाज दोनों के लिए गंभीर चुनौती है।
कोर्ट रूम में पेश किए गए सभी दोषी
फैसला सुनाए जाने के दौरान पांचों दोषियों—ताहिर हुसैन, नजीम, कासिम, अनस और जावेद को अदालत में पेश किया गया। इसके बाद जज ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और इसमें अपराध की प्रकृति को देखते हुए उम्रकैद की सजा उचित है।
कौन हैं ताहिर हुसैन
ताहिर हुसैन आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद रह चुके हैं। उनका नाम फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान सामने आया था। अंकित शर्मा की हत्या के मामले में अदालत ने उन्हें भी दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
सजा के बाद ताहिर हुसैन का बयान
सजा सुनाए जाने के बाद ताहिर हुसैन ने अदालत परिसर में कहा कि उन्हें इस फैसले पर भरोसा नहीं है और वे अब हाई कोर्ट का रुख करेंगे। उन्होंने कहा, “हम हाई कोर्ट जाएंगे। हमें वहां इंसाफ मिलेगा। देर है, अंधेर नहीं है। हाई कोर्ट से न्याय मिलेगा।” इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि यह “मैच फिक्स” था। हालांकि, उनके इस बयान पर अदालत की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई।
बचाव पक्ष के वकील ने क्या कहा
मामले में कुछ अन्य दोषियों की ओर से पैरवी कर रहे वकील अब्दुल गफ्फार खान ने कहा कि वे ताहिर हुसैन का प्रतिनिधित्व नहीं कर रहे थे, इसलिए उनके बारे में कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि जिन आरोपियों की ओर से उन्होंने अदालत में पक्ष रखा था, उनकी तरफ से हाई कोर्ट में अपील दायर की जाएगी। उनका कहना है कि एक सप्ताह के भीतर अपील दाखिल करने की तैयारी की जा रही है।
मामला क्या है
फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या कर दी गई थी। बाद में उनका शव एक नाले से बरामद हुआ था। इस मामले की जांच के बाद पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने ताहिर हुसैन सहित पांच आरोपियों को दोषी ठहराया और अब सभी को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
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