
Dhami hits back over ‘Miri-Piri’ march : फरीदकोट। आम आदमी पार्टी के विधायक द्वारा मीरी-पीरी खालसा मार्च के बारे में दिया गया बयान पंथिक परंपराओं का अपमान है और संगत की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है। यह बात शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने मीरी-पीरी खालसा मार्च के दौरान कही।
एडवोकेट धामी ने कहा कि मीरी-पीरी खालसा मार्च का उद्देश्य श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता, राष्ट्रीय एकता, पंथिक चेतना और युवाओं को सिख विरासत से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु हर दिन खालसा मार्च में शामिल हो रहे हैं और खुद को श्री अकाल तख्त साहिब के प्रति समर्पित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि AAP विधायक अमृतपाल सिंह सुखानंद द्वारा मीरी-पीरी खालसा मार्च के बारे में की गई टिप्पणी उनकी जलन को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि खालसा मार्च पंथ की विरासत है और ऐसा लगता है कि AAP विधायक सिख सिद्धांतों और परंपराओं को नहीं समझते हैं। SGPC अध्यक्ष ने कहा कि सिख पंथ और गुरु घर की मर्यादा से जुड़े किसी भी विषय पर बोलने से पहले सौ बार सोचना चाहिए।
बिना पूरी जानकारी और मर्यादा की समझ के दिया गया बयान श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा सकता है। उन्होंने कहा कि जिस मीरी-पीरी खालसा मार्च की बात हो रही है, वह कोई राजनीतिक रोड शो नहीं है, बल्कि एक ऐसा मार्च है जो श्री अकाल तख्त साहिब से प्रार्थना के बाद, श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्रछाया में और पंज प्यारों के नेतृत्व में शुरू हुआ था। उन्होंने कहा कि गुरु घरों और पंथिक परंपराओं के बारे में बात करते समय हर व्यक्ति को संयम और सम्मान के साथ बोलना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी द्वारा स्थापित मीरी-पीरी के सिद्धांतों और श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्च परंपरा को समर्पित यह मार्च गुरमत मर्यादा के अनुसार निकाला जा रहा है और इसे उसी सम्मान और गंभीरता के साथ देखा जाना चाहिए।
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