हिमाचलः शिमला में जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव के लिए सोमवार को बैठक निर्धारित की गई थी। इस बैठक का समय सुबह 11 बजे रखा गया था, बावजूद इसके बैठक में न ही कांग्रेस और न ही भाजपा समर्थित जिला परिषद सदस्य पहुँचे। इसके साथ ही 2 आजाद (निर्दलीय) सदस्य भी बैठक से नदारद रहे। 25 सदस्यीय शिमला जिला परिषद में आज सभी परिषद सदस्य बैठक से नदारद रहे। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने निर्धारित 11 बजे से 1 बजे तक बचत भवन में परिषद सदस्यों का इंतज़ार किया। अब अगली बैठक की तिथि निर्धारित की जाएगी।
आज बैठक से सभी सदस्यों के नदारद होने के बाद दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों में जोड़-तोड़ की राजनीति तेज़ हो जाएगी। इस 25 सदस्यों वाली जिला परिषद में निर्दलीय जिला परिषद सदस्यों की भूमिका अहम मानी जा रही है। सूत्रों की मानें तो मौजूदा सियासी समीकरणों में भाजपा के पास 12 सदस्यों का समर्थन बताया जा रहा है, जबकि कांग्रेस के साथ 11 सदस्य हैं।
ऐसे में दोनों निर्दलीय सदस्यों पर सभी की नज़रें टिकी हुई हैं। 25 सदस्यों वाली जिला परिषद में बहुमत के लिए 13 का आंकड़ा चाहिए। अब अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाने के लिए दोनों दल अगली बैठक तक जोड़-तोड़ और रणनीति बनाने में जुटे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि दोनों निर्दलीय सदस्य एक ही दल के पक्ष में जाते हैं तो जिला परिषद का सत्ता समीकरण पूरी तरह बदल सकता है।
वहीं, उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि आज जिला परिषद की बैठक निर्धारित की गई थी, जिसमें कोई सदस्य भी नहीं पहुँचा है। इसकी जिला पंचायत अधिकारी पूरी सूचना देंगे कि किन कारणों से जिला परिषद सदस्य नहीं पहुँचे हैं, उसके उपरांत इसकी अगली तिथि निर्धारित की जाएगी। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि नियमानुसार अभी की बैठक में दो-तिहाई बहुमत होना जरूरी था, लेकिन एक भी जिला परिषद सदस्य बैठक में नहीं पहुँचा। वहीं जो अगली बैठक निर्धारित की जाएगी, उसमें 50% कोरम होना आवश्यक है।अब देखना है कि जिला प्रशासन द्वारा जिला परिषद अध्यक्ष उपाध्यक्ष के चुनाव के लिये अगली तारीख कब तक तय की जाती है।
📍 Location: शिमला (शिमला)
मेष: दिन शुभ रहेगा...