लुधियाना: मॉरीशस गणराज्य के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने ICAR-सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्ट हार्वेस्ट इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (CIPHET), लुधियाना का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मॉरीशस के उद्योग, SME और सहकारिता मंत्री सैयद मोहम्मद आदिल अमीर ने किया।
इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत में विकसित कृषि तकनीकों, फसल कटाई के बाद प्रबंधन, खाद्य प्रसंस्करण और कृषि क्षेत्र में नए प्रयोगों को समझना था। साथ ही दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग और भविष्य की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।
CIPHET की तकनीकों की दी गई जानकारी
संस्थान के निदेशक डॉ. नचिकेत कोतवालीवाले ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया और CIPHET की विभिन्न गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने, खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाने, वैल्यू एडिशन, कृषि मशीनीकरण और तकनीक हस्तांतरण के क्षेत्र में संस्थान के काम की जानकारी साझा की।
कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर
मॉरीशस के मंत्री सैयद मोहम्मद आदिल अमीर ने CIPHET के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादों के बेहतर प्रबंधन और उनकी वैल्यू बढ़ाने में ऐसी तकनीकों की अहम भूमिका है। उन्होंने रिसर्च, तकनीकी विकास, प्रशिक्षण और ज्ञान के आदान-प्रदान के क्षेत्र में भारत और मॉरीशस के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने की इच्छा जताई।
स्टार्टअप और इनक्यूबेशन कार्यक्रमों की जानकारी ली
दौरे के दौरान Cofem के अध्यक्ष गुरवंत सिंह और डॉ. रंजीत सिंह ने प्रतिनिधिमंडल को तकनीक के व्यावसायीकरण, इनक्यूबेशन सेंटर और स्टार्टअप सहायता कार्यक्रमों के बारे में बताया। प्रतिनिधिमंडल ने संस्थान से जुड़े इनक्यूबेटर्स से बातचीत कर उनके अनुभव भी जाने और कृषि आधारित उद्यमों को बढ़ावा देने की दिशा में जानकारी हासिल की।
भविष्य में संयुक्त परियोजनाओं की उम्मीद
दौरे के अंत में मॉरीशस के प्रतिनिधिमंडल ने CIPHET की रिसर्च और इनोवेशन गतिविधियों की प्रशंसा की। दोनों देशों ने कृषि तकनीक, संयुक्त शोध परियोजनाओं, तकनीकी आदान-प्रदान और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में भविष्य में सहयोग बढ़ाने की उम्मीद जताई।
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