
Allegations of women being implicated in a honey-trap case : संगरूर। लहरागागा में भारतीय किसान यूनियन एकता (मालवाई) ने दो महिलाओं को कथित तौर पर झूठे हनीट्रैप मामले में फंसाने के आरोपों को लेकर DSP कार्यालय के बाहर धरना दिया। संगठन ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। वहीं, पुलिस या संबंधित अधिकारियों की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
संगठन ने दावा किया कि 22 जुलाई को दर्ज मामले में दोनों महिलाओं को बिना किसी ठोस आधार के नामज़द किया गया है। संगठन के नेताओं ने आरोप लगाया कि सदर लहरागागा पुलिस स्टेशन के SHO हरपाल सिंह और एक मंत्री इस कार्रवाई में शामिल थे। (ये आरोप भारतीय किसान यूनियन एकता (मालवाई) ने लगाए हैं। इनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है। धरने को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने कहा कि अगर किसी को न्याय नहीं मिल रहा है, तो लोकतंत्र में हर नागरिक का अधिकार है कि वह शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज़ उठाए।
उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की किसी उच्च अधिकारी द्वारा निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की जाए, जिससे कि सच्चाई सामने आ सके और अगर किसी के साथ अन्याय हुआ है, तो उसे न्याय मिल सके। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसानों, महिलाओं और संगठन के नेताओं ने हिस्सा लिया और प्रशासन के ख़िलाफ़ नारे भी लगाए। प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों को एक ज्ञापन भी सौंपा गया। प्रदर्शन के दौरान DSP ने संगठन के प्रतिनिधियों से बात की और उन्हें मामले की निष्पक्ष जाँच का भरोसा दिलाया। इस आश्वासन के बाद किसान यूनियन ने अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया। संगठन ने कहा कि वह जाँच की प्रगति पर नज़र रखेगा और अगर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई, तो आगे के संघर्ष की रूपरेखा तय की जाएगी।
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