Last Updated: October 29, 2026

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बागवानों की आजीविका से खिलवाड़, 5,500 करोड़ की सेब अर्थव्यवस्था को संकट में धकेल रही कांग्रेस सरकार: सांदीपनि भारद्वाज

August 7, 2026

बागवानों की आजीविका से खिलवाड़, 5,500 करोड़ की सेब अर्थव्यवस्था को संकट में धकेल रही कांग्रेस सरकार: सांदीपनि भारद्वाज

शिमला: भाजपा प्रवक्ता सांदीपनि भारद्वाज ने कांग्रेस सरकार पर सेब उत्पादकों के खिलाफ सुनियोजित तरीके से काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जिस समय प्रदेश में सेब सीजन अपने चरम पर है, उसी समय सरकार बागवानों को राहत देने के बजाय उन्हें नियमों, नोटिसों और प्रतिबंधों के जाल में फंसा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की लगभग 8 लाख आबादी प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सेब अर्थव्यवस्था पर निर्भर है और लगभग ₹5,500 करोड़ से अधिक का वार्षिक सेब कारोबार हिमाचल की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन कांग्रेस सरकार ने इस पूरी व्यवस्था को संकट में डाल दिया है।

सांदीपनि भारद्वाज ने कहा कि पैकिंग के लिए मात्र 30 गनी बैग खरीदने की सीमा तय करना पूरी तरह किसान विरोधी और बागवान विरोधी निर्णय है। सरकार बताए कि यदि किसी किसान के बगीचे में 300, 500 या 1000 पेटी सेब निकलता है तो वह केवल 30 बैग में पैकिंग कैसे करेगा? क्या सरकार अब सेब की पैकिंग भी अपनी मर्जी से करवाना चाहती है? या फिर किसी विशेष सिंडिकेट को लाभ पहुंचाने के लिए कृत्रिम कमी पैदा कर रही है? उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में चर्चा है कि जिस प्रकार हर क्षेत्र में सिंडिकेट सक्रिय है, उसी प्रकार अब सेब कारोबार में भी सिंडिकेट को लाभ पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। सरकार स्पष्ट करे कि क्या बागवानों को अपनी आवश्यकता के अनुसार पैकिंग सामग्री खरीदने के लिए भी किसी बिचौलिए या सिंडिकेट की शरण में जाना पड़ेगा?

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि एक ओर कई क्षेत्रों में HPMC और APMC के कलेक्शन सेंटर समय पर नहीं खुले या पूरी क्षमता से कार्य नहीं कर रहे, दूसरी ओर किसानों को MIS के नाम पर नोटिस भेजे जा रहे हैं। जिन किसानों ने वर्षों से ईमानदारी से बागवानी की है, उन्हें अपराधियों की तरह नोटिस देकर कार्यालयों के चक्कर कटवाए जा रहे हैं। यदि कहीं अनियमितता हुई है तो दोषियों पर कार्रवाई हो, लेकिन पूरे बागवानी समुदाय को संदेह की नजर से देखना कांग्रेस सरकार की किसान विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। HPMC पहले ही किसानों के भुगतान में महीनों की देरी के लिए बदनाम है। सरकार पहले समय पर भुगतान सुनिश्चित करे, सभी कलेक्शन सेंटर चालू करे, पर्याप्त पैकिंग सामग्री उपलब्ध करवाए और बागवानों को सुविधाएं दे। इसके विपरीत सरकार नए-नए आदेश निकालकर सेब उत्पादकों को मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित कर रही है।

सांदीपनि भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस ने चुनावों में किसानों और बागवानों के लिए बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन आज स्थिति यह है कि लागत लगातार बढ़ रही है, कीटनाशक और उर्वरक महंगे हो चुके हैं, सड़कें बदहाल हैं, परिवहन व्यवस्था कमजोर है, मंडियां आधुनिक नहीं हैं और ऊपर से सरकार पैकिंग सामग्री तक पर प्रतिबंध लगा रही है। यह सरकार हर मोर्चे पर बागवानों को असफल साबित करने में लगी हुई है। सेब हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। प्रदेश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) और ग्रामीण रोजगार में बागवानी का महत्वपूर्ण योगदान है। यदि बागवान संकट में होगा तो पूरा हिमाचल संकट में होगा। कांग्रेस सरकार की गलत नीतियों ने इस वर्ष सेब सीजन को भी संकट का सीजन बना दिया है।

सांदीपनि भारद्वाज ने मुख्यमंत्री से मांग की कि 30 बैग की सीमा लगाने का किसान विरोधी आदेश तुरंत वापस लिया जाए, सभी कलेक्शन सेंटर तत्काल प्रभाव से पूरी क्षमता के साथ संचालित किए जाएं, HPMC द्वारा किसानों का भुगतान समयबद्ध किया जाए तथा ईमानदार बागवानों को अनावश्यक नोटिस भेजकर प्रताड़ित करना बंद किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस सरकार ने सेब उत्पादकों के साथ यह अन्याय बंद नहीं किया तो भाजपा प्रदेशभर के बागवानों के साथ सड़क से सदन तक व्यापक आंदोलन छेड़ेगी और किसान विरोधी नीतियों का लोकतांत्रिक तरीके से कड़ा विरोध करेगी।

📍 Location: शिमला (शिमला)

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