
Violations of human rights are not tolerated : मोगा। पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग के सदस्य जतिंदर सिंह शंटी ने बाघापुराना और धर्मकोट में आयोजित खुली जनसुनवाई कैंपों में लोगों की शिकायतें सुनीं। स्वास्थ्य सुविधाओं, डॉक्टरों व स्टाफ की कमी, मोर्चरी और ब्लड बैंक जैसी समस्याओं पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। शंटी ने स्पष्ट कहा कि मानवाधिकारों का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और प्रत्येक शिकायत पर नियमों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जतिंदर सिंह शंटी ने लोगों की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए मौके पर मौजूद संबंधित विभागों के अधिकारियों को नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने और शिकायतकर्ताओं को की गई कार्रवाई से अवगत करवाने के निर्देश दिए। मीडिया से बातचीत में शंटी ने कहा कि मानवाधिकार आयोग का मुख्य उद्देश्य लोगों के अधिकारों की रक्षा करना और उन्हें न्याय प्राप्त करने के लिए प्रभावी मंच उपलब्ध करवाना है। उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए खुली जनसुनवाई जैसे कैंप बेहद महत्वपूर्ण हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी कई शिकायतें शंटी ने बताया कि जनसुनवाई के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं से संबंधित कई शिकायतें सामने आईं।
लोगों ने अस्पतालों में डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की कमी, मोर्चरी सुविधाओं के अभाव तथा शवों को दूरदराज के स्थानों पर ले जाने के कारण होने वाली परेशानियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन मामलों को पंजाब सरकार और संबंधित विभागों के ध्यान में लाया जाएगा। मोगा और आसपास के क्षेत्र में उचित मोर्चरी सुविधा तथा ब्लड बैंक की आवश्यकता को लेकर भी आयोग की ओर से संबंधित विभागों को सिफारिशें भेजी जाएंगी।मानवाधिकारों से जुड़े एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर बात करते हुए शंटी ने कहा कि अस्पतालों द्वारा बकाया बिल की वसूली के लिए मृतक का शव रोककर रखना मानवता और मानवाधिकारों के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।
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