
Punjab Assembly Session : पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र का आज आखिरी दिन है। अंतिम दिन सदन में करीब आठ अहम विधेयक पेश किए जाने की संभावना है। इनमें स्कूलों की मनमानी फीस बढ़ोतरी पर लगाम लगाने वाला बिल, आउटसोर्स कर्मचारियों से जुड़ा विधेयक और पंजाब कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर में संशोधन से संबंधित बिल प्रमुख हैं। विपक्ष लगातार विधानसभा की कार्यवाही की अवधि बढ़ाने की मांग कर रहा है।
65 हजार आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बड़ा प्रस्ताव
आज पेश होने वाले पंजाब स्टेट आउटसोर्स्ड पर्सोनल बिल, 2026 को करीब 65,048 आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रस्ताव के मुताबिक, इन कर्मचारियों को निजी ठेकेदारों के माध्यम से काम करने की व्यवस्था से बाहर निकालकर पंजाब सरकार के अधीन कॉन्ट्रैक्ट पर लाने का रास्ता तैयार किया जाएगा।
सरकार ने इसके लिए 2016 के पुराने कानून को खत्म करने और दो नए कानून लागू करने की दिशा में कदम उठाया है। इनमें पंजाब स्टेट आउटसोर्स्ड पर्सोनल बिल, 2026 और पंजाब कॉन्ट्रैक्चुअल पर्सोनल बिल, 2026 शामिल हैं।
5 साल की सेवा पूरी करने वालों को मिलेगा पहला लाभ
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत पहले चरण में 26 हजार से अधिक कर्मचारियों को फायदा मिलने की बात कही गई है। जिन ग्रुप-C और ग्रुप-D आउटसोर्स कर्मचारियों ने पांच साल की सेवा पूरी कर ली है, उन्हें पंजाब सरकार के साथ सीधे कॉन्ट्रैक्ट पर रखने का प्रावधान है।
इसके अलावा, पंजाब सरकार के साथ कॉन्ट्रैक्ट पर 10 साल पूरे करने वाले कर्मचारियों को उपलब्ध और स्वीकृत पदों पर नियमित करने का प्रावधान भी प्रस्ताव में रखा गया है। इससे लंबे समय से आउटसोर्स व्यवस्था में काम कर रहे कर्मचारियों को भविष्य में नौकरी की अधिक स्थिरता मिलने की उम्मीद है।
प्राइवेट स्कूलों की फीस पर भी आएगा बिल
विधानसभा के आखिरी दिन निजी स्कूलों की फीस से जुड़ा अनएडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस फीस संशोधन बिल भी सदन में पेश किया जाएगा। इसका उद्देश्य स्कूलों द्वारा मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने पर रोक लगाने की व्यवस्था को मजबूत करना है।
इसके अलावा पंजाब कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर (संशोधन) बिल समेत कई अन्य विधेयक भी सदन के पटल पर रखे जाएंगे।
3 अगस्त से शुरू हुआ सत्र
3 अगस्त: पेपर लीक को लेकर हंगामा
सत्र के पहले दिन वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने NEET समेत देश में सामने आए पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश किया। कांग्रेस विधायकों ने फरीदकोट में फार्मेसी ऑफिसर परीक्षा के पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया।
4 अगस्त: E20 पेट्रोल पर प्रस्ताव
विधानसभा ने सर्वसम्मति से E20 इथेनॉल-मिश्रित ईंधन को लेकर प्रस्ताव पारित किया। इसमें केंद्र सरकार से तकनीकी चिंताओं का समाधान होने तक वाहनों में E20 ईंधन के अनिवार्य इस्तेमाल को टालने की अपील की गई।
5 अगस्त: कैबिनेट ने अहम बिलों को दी मंजूरी
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में छह महत्वपूर्ण अध्यादेशों और विधेयकों को मंजूरी दी गई। इनमें आउटसोर्स कर्मचारियों और निजी स्कूलों की फीस से जुड़े प्रस्ताव भी शामिल रहे।
इसी दिन श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल-2026 को लेकर आम आदमी पार्टी और अकाली दल के विधायकों के बीच सदन में तीखी बहस देखने को मिली।
6 अगस्त: कांग्रेस का वॉकआउट
कानून-व्यवस्था, पंजाब के बढ़ते कर्ज और पुरानी पेंशन योजना से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस विधायकों ने प्रताप सिंह बाजवा के नेतृत्व में विधानसभा से वॉकआउट किया। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने विधानसभा परिसर के बाहर भी प्रदर्शन किया।
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7 अगस्त: कर्मचारियों का चंडीगढ़ में प्रदर्शन
विधानसभा की कार्यवाही के बीच हजारों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों ने चंडीगढ़ में मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और लंबित महंगाई भत्ते का भुगतान करने की मांग की। प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया।
मेष: दिन शुभ रहेगा...